सास-ससुर और पति ने मिलकर मुझे काफी प्रताड़ित किया। मैं 2024 में प्रेग्नेंट थी, पति ने मेरे पेट पर लात-मुक्के से मारा। जिस कारण मेरा गर्भपात हो गया। मुझे ससुराल में एक महीने तक बंद रखा गया। जहां मुझे देखने वाला कोई नहीं था। टंकी का पानी पीकर मैंने गुजारा किया। सास ने गला दबाने की कोशिश की। ये शिकायत पीड़ित महिला ने महिला आयोग में की है। मामला भोजपुर के आरा नगर थाना क्षेत्र का है। महिला की शादी कब हुई, पति ने क्या आरोप लगाए, पीड़िता ने क्या कहा, कब शादी हुई, पढ़ें रिपोर्ट… 20 लाख दहेज देने के बाद कार की डिमांड पीड़िता कहती हैं कि मेरी शादी 2021 के नवंबर में हुई थी। मेरे पिता ने 20 लाख रुपए दहेज में दिए थे। इतने रुपए देने के लिए उन्होंने अपनी जमीन बेच दी थी। उधार भी लिया था। शादी के बाद कुछ दिन तक सब ठीक चला। इसके बाद ससुर ने कार की डिमांड कर दी। मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पति ने तलाक दायर किया मैं अपने मायके रहने लगी। इस बीच मेरे पति ने भोजपुर सिविल कोर्ट में मेरी मर्जी के खिलाफ एकतरफा तलाक दायर कर दिया। मैंने ससुराल के सभी सदस्यों को फोन किया, मगर किसी ने मेरा फोन नहीं उठाया। तब दिसंबर 2024 को मैं अकेले ससुराल गई। मेरे साथ बदसलूकी करके मुझे मुझे घर से धक्के मार कर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन मैं जाने के लिए राजी नहीं हुई। मुझे करीब एक महीना ससुराल में बंद रखा गया। कुछ राशन और पीने का पानी दिया गया, मगर जब यह सब खत्म हुआ तब कोई देखने नहीं आया कि मैं कैसे रह रही हूं। भाई को बुलाकर मायके गई आवेदिका ने कहा कि मैंने किसी तरह अपने भाई से संपर्क किया और उसे ससुराल बुलाकर उसके साथ मायके चली गई। जुलाई 2026 को जब मैंने दोबारा ससुराल जाने की कोशिश की तब मेरे सास-ससुर ने मेरा सामान बाहर फेंक दिया। सास ने मेरा मेरा गला दबाने की कोशिश की। सिविल कोर्ट में पति और ससुर ने मुझे अपने साथ नहीं रखने की बात कही थी, तब भी मैंने यही कहा था कि मैं अपने पति के साथ जीवन गुजारना चाहती हूं। ‘वो मेरे साथ नहीं रहना चाहती’ दूसरी ओर कोर्ट में पति ने बताया है कि पत्नी एक भी दिन ससुराल में सामान्य ढंग से नहीं रही है। पत्नी ने शादी के दूसरे दिन ही दांपत्य जीवन शुरू होने से पहले कहा कि यह शादी उसकी इच्छा के खिलाफ हुआ है। वह मेरे साथ दांपत्य जीवन नहीं बिता सकती है। इस पर लड़की को काफी समझाया बुझाया गया, लेकिन उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया। मैं उसे हनीमून पर भी लेकर गया, लेकिन वह वहां से झगड़ा कर कर वापस आ गई। ‘पत्नी आत्महत्या करने की धमकी देती थी’ पति कहते हैं कि मैं जहां जॉब करता हूं वहां अपनी पत्नी को ले जाने का सोचा। मुझे ऐसा लगा कि अगर वहां ले जाऊंगा तो सब स्थिति सामान्य हो जाएगी। मगर मेरी पत्नी ने दांपत्य जीवन स्थापित नहीं किया। आत्महत्या करने की धमकी देने लगी। इससे मैं बहुत ही भयभीत हो गया। मैंने काफी समय दिया मगर उसका व्यवहार और भी क्रूर होते गया। मुझे डर था कि वह कोई भी अप्रिय घटना कर सकती है। उसके परिवार वाले कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। मेरे पास तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं था, इसलिए मैंने भोजपुर के सिविल कोर्ट में वाद दाखिल किया। सुनवाई की अगली तारीख 12 अक्टूबर बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने कहा कि आवेदिका का कहना है कि उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते हैं और पति साथ नहीं रखना चाहता है। आवेदिका साथ रहना चाहती है, लेकिन लड़का अपने तरफ से तलाक का केस दायर कर चुका है। इस केस की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। सास-ससुर और पति ने मिलकर मुझे काफी प्रताड़ित किया। मैं 2024 में प्रेग्नेंट थी, पति ने मेरे पेट पर लात-मुक्के से मारा। जिस कारण मेरा गर्भपात हो गया। मुझे ससुराल में एक महीने तक बंद रखा गया। जहां मुझे देखने वाला कोई नहीं था। टंकी का पानी पीकर मैंने गुजारा किया। सास ने गला दबाने की कोशिश की। ये शिकायत पीड़ित महिला ने महिला आयोग में की है। मामला भोजपुर के आरा नगर थाना क्षेत्र का है। महिला की शादी कब हुई, पति ने क्या आरोप लगाए, पीड़िता ने क्या कहा, कब शादी हुई, पढ़ें रिपोर्ट… 20 लाख दहेज देने के बाद कार की डिमांड पीड़िता कहती हैं कि मेरी शादी 2021 के नवंबर में हुई थी। मेरे पिता ने 20 लाख रुपए दहेज में दिए थे। इतने रुपए देने के लिए उन्होंने अपनी जमीन बेच दी थी। उधार भी लिया था। शादी के बाद कुछ दिन तक सब ठीक चला। इसके बाद ससुर ने कार की डिमांड कर दी। मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पति ने तलाक दायर किया मैं अपने मायके रहने लगी। इस बीच मेरे पति ने भोजपुर सिविल कोर्ट में मेरी मर्जी के खिलाफ एकतरफा तलाक दायर कर दिया। मैंने ससुराल के सभी सदस्यों को फोन किया, मगर किसी ने मेरा फोन नहीं उठाया। तब दिसंबर 2024 को मैं अकेले ससुराल गई। मेरे साथ बदसलूकी करके मुझे मुझे घर से धक्के मार कर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन मैं जाने के लिए राजी नहीं हुई। मुझे करीब एक महीना ससुराल में बंद रखा गया। कुछ राशन और पीने का पानी दिया गया, मगर जब यह सब खत्म हुआ तब कोई देखने नहीं आया कि मैं कैसे रह रही हूं। भाई को बुलाकर मायके गई आवेदिका ने कहा कि मैंने किसी तरह अपने भाई से संपर्क किया और उसे ससुराल बुलाकर उसके साथ मायके चली गई। जुलाई 2026 को जब मैंने दोबारा ससुराल जाने की कोशिश की तब मेरे सास-ससुर ने मेरा सामान बाहर फेंक दिया। सास ने मेरा मेरा गला दबाने की कोशिश की। सिविल कोर्ट में पति और ससुर ने मुझे अपने साथ नहीं रखने की बात कही थी, तब भी मैंने यही कहा था कि मैं अपने पति के साथ जीवन गुजारना चाहती हूं। ‘वो मेरे साथ नहीं रहना चाहती’ दूसरी ओर कोर्ट में पति ने बताया है कि पत्नी एक भी दिन ससुराल में सामान्य ढंग से नहीं रही है। पत्नी ने शादी के दूसरे दिन ही दांपत्य जीवन शुरू होने से पहले कहा कि यह शादी उसकी इच्छा के खिलाफ हुआ है। वह मेरे साथ दांपत्य जीवन नहीं बिता सकती है। इस पर लड़की को काफी समझाया बुझाया गया, लेकिन उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया। मैं उसे हनीमून पर भी लेकर गया, लेकिन वह वहां से झगड़ा कर कर वापस आ गई। ‘पत्नी आत्महत्या करने की धमकी देती थी’ पति कहते हैं कि मैं जहां जॉब करता हूं वहां अपनी पत्नी को ले जाने का सोचा। मुझे ऐसा लगा कि अगर वहां ले जाऊंगा तो सब स्थिति सामान्य हो जाएगी। मगर मेरी पत्नी ने दांपत्य जीवन स्थापित नहीं किया। आत्महत्या करने की धमकी देने लगी। इससे मैं बहुत ही भयभीत हो गया। मैंने काफी समय दिया मगर उसका व्यवहार और भी क्रूर होते गया। मुझे डर था कि वह कोई भी अप्रिय घटना कर सकती है। उसके परिवार वाले कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। मेरे पास तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं था, इसलिए मैंने भोजपुर के सिविल कोर्ट में वाद दाखिल किया। सुनवाई की अगली तारीख 12 अक्टूबर बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने कहा कि आवेदिका का कहना है कि उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते हैं और पति साथ नहीं रखना चाहता है। आवेदिका साथ रहना चाहती है, लेकिन लड़का अपने तरफ से तलाक का केस दायर कर चुका है। इस केस की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।

