नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद केरलम के बच्चों समेत करीब 53 लोगों के नेपाल में फंसे होने का अनुमान है। ‘नोर्का रूट्स’ ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नोर्का रूट्स केरल सरकार की वह एजेंसी है, जो विदेशों में रहने वाले केरल वासियों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण से संबंधित सेवाओं का समन्वय करती है।
नोर्का रूट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजेश माधवन ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बाढ़ के कारण फंसे केरलमवासियों से संबंधित 17 सूचनाएं मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इन सूचनाओं को बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे तक एकत्र कर उन पर कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘इन सूचनाओं के आधार पर हमने परिवार के सदस्यों, वयस्कों और बच्चों समेत करीब 53 केरलमवासियों की पहचान की है।’’
माधवन ने बताया कि नोर्का रूट्स के पास इन सभी 53 लोगों के मोबाइल नंबर हैं, लेकिन फिलहाल नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में नोर्का रूट्स के विकास अधिकारी राहत एवं संपर्क प्रयासों में समन्वय कर रहे हैं और उन्होंने रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय के संपर्क में रहते हुए भारतीय दूतावास को सीधे जानकारी उपलब्ध कराई है। माधवन ने कहा कि अगला कदम फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थानों का पता लगाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन परिवार के सदस्यों से दोबारा संपर्क किया, जिन्होंने हमसे मदद के लिए संपर्क किया था, ताकि जानकारी की पुष्टि की जा सके।
हमने उपलब्ध नवीनतम जानकारी जुटाई, जैसे कि उन्होंने हाल में फोन किया था या किसी खास जगह जाने की बात कही थी।’’
उन्होंने बताया कि इन जानकारियों को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया गया है, ताकि फंसे हुए लोगों के आखिरी ज्ञात स्थान का पता लगाया जा सके। माधवन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम उनसे सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे और पूरी जानकारी जुटा पाएंगे।’’
उन्होंने बताया कि 53 लोगों की पहचान होने के बाद फंसे हुए केरलमवासियों के संबंध में कोई नयी सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी तक उनसे सीधे संपर्क स्थापित नहीं कर पाए हैं, लेकिन सामान्य तौर पर हमें जानकारी है कि वे सुरक्षित हैं।

