ग्वालियर में इंजीनियर लवजीत राणा द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस की गहन पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। गोला का मंदिर थाना पुलिस ने मर्ग जांच पूरी करने के बाद अधिवक्ता तपन त्रिवेदी समेत तीन (एक दंपति) के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने और अवैध वसूली का अपराध दर्ज कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी, मृतक पर दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले को रफा दफा करने के नाम पर 30 लाख रुपये मांग रहे थे। जबकि मृतक के पिता का कहना था कि वह बेटे का भविष्य खराब न हो इसके लिए पहले ही 30 लाख रुपए दे चुके थे। इसी भारी मानसिक दबाव के चलते युवक ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। ऐसे समझिए पूरा मामला शहर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित नारायण विहार निवासी लव उर्फ लवजीत राणा ने 20 दिसंबर 2025 को मानसिक तनाव में आते हुए जहर खा लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन को उसके जहर खाने का पता लगा तो तत्काल उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां ट्रॉमा सेंटर में ही डॉक्टर ने उसका कुछ देर इलाज किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचा सके थे। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया। मृतक पर ग्वालियर के डबरा में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज था। जिस कारण पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम, गवाहों के बयान, ऑडियो रिकॉर्डिंग, मोबाइल सीडीआर (CDR) और टॉवर लोकेशन की बारीकी से जांच की। पड़ताल में पता चला कि अप्रैल 2025 में डबरा थाने में एक महिला की शिकायत पर लवजीत राणा और उसके साथी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज हुआ था। इसी प्रकरण में राहत का झांसा देकर लवजीत के परिजनों से 30 लाख रुपये ऐंठे गए थे, जिसमें से 24 अप्रैल को 20 लाख और 7 मई को 10 लाख रुपये एडवोकेट तपन त्रिवेदी को अलग-अलग जगहों पर दिए गए थे। पर इसके बाद भी वह 30 लाख रुपए और मांग रहे थे। सुसाइड नोट में लिखा-‘मुझे झूठा फंसाया’, आरोपियों की तलाश तेज 19 दिसंबर को लवजीत को जानकारी मिली कि 30 लाख रुपये देने के बावजूद आरोपी महिला, उसका पति और एडवोकेट तपन त्रिवेदी उससे दोबारा 30 लाख रुपये की भारी मांग कर रहे हैं और झूठे केस का डर दिखा रहे हैं। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 20 दिसंबर को लवजीत ने सुसाइड नोट लिखा, जिसमें खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपियों के जुल्म की दास्तान लिखी और जहर गटक लिया।

