भागलपुर में बुधवार को 22 मजदूरों से भरी नाव पलट गई। सभी मजदूर कटाव के काम में लगे थे। नाव पर बोरियों में रेत रखी गई थी। पानी के कटाव को रोकने के लिए मजदूर रेत की बोरियों को गंगा नदी में डाल रहे थे। बोरियों को नदी में डालने के दौरान अचानक एक हिस्से का वजन कम हुआ। नाव अचानक से दूसरी और पलट गई। एक-एक कर के सभी मजदूर नदी में गिर गए। पूरी नाव भी गंगा में समा गई। SDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 21 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं एक मजदूर अभी लापता है, जिसकी तलाश में टीम जुटी हुई है। घटना भागलपुर-नौगछिया के राघोपुर तटबंध पर हुई है। भागलपुर जिले में नवगछिया के खरीक खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में गंगा का तटबंध टूट गया है। तटबंध टूटने से बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल घर और गांव में पानी घुस गया है। मंत्री के घर से करीब 500 मीटर दूर बांध टूटा है। 4 तस्वीरों में देखिए पूरा हादसा तटबंध टूटने से मंत्री के घर में घुस गया था पानी भागलपुर जिले में नवगछिया के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में 2 दिन पहले गंगा का तटबंध टूट गया था। तटबंध टूटने से बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल घर और गांव में पानी घुस गया। मंत्री के घर से करीब 500 मीटर दूर बांध टूटा था। आधी रात करीब 2:30 बजे प्रशासन को कटाव की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, अपर समाहर्ता नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारी और अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बांध की स्थिति का जायजा लिया और वहीं कैंप कर निगरानी शुरू कर दी। मंत्री के घर के पास कटाव ने बढ़ाई चिंता पदाधिकारी के मुताबिक कटाव के कारण पानी नवगछिया की ओर बढ़ रहा था। इसे देखते हुए पानी के प्रवाह को रोकने और बांध को सुरक्षित रखने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग की पूरी टीम को युद्धस्तर पर लगाया गया था। प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए मौके पर अपनी पूरी मशीनरी लगा दी थी। फिलहाल प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग का पूरा फोकस कटाव को नियंत्रित करने और पानी के प्रवाह को रोकने पर है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि कटाव की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। सभी संबंधित अधिकारी और अभियंता मौके पर कैंप कर रहे हैं। कटाव को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य जारी है और आम लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है… भागलपुर में बुधवार को 22 मजदूरों से भरी नाव पलट गई। सभी मजदूर कटाव के काम में लगे थे। नाव पर बोरियों में रेत रखी गई थी। पानी के कटाव को रोकने के लिए मजदूर रेत की बोरियों को गंगा नदी में डाल रहे थे। बोरियों को नदी में डालने के दौरान अचानक एक हिस्से का वजन कम हुआ। नाव अचानक से दूसरी और पलट गई। एक-एक कर के सभी मजदूर नदी में गिर गए। पूरी नाव भी गंगा में समा गई। SDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 21 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं एक मजदूर अभी लापता है, जिसकी तलाश में टीम जुटी हुई है। घटना भागलपुर-नौगछिया के राघोपुर तटबंध पर हुई है। भागलपुर जिले में नवगछिया के खरीक खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में गंगा का तटबंध टूट गया है। तटबंध टूटने से बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल घर और गांव में पानी घुस गया है। मंत्री के घर से करीब 500 मीटर दूर बांध टूटा है। 4 तस्वीरों में देखिए पूरा हादसा तटबंध टूटने से मंत्री के घर में घुस गया था पानी भागलपुर जिले में नवगछिया के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में 2 दिन पहले गंगा का तटबंध टूट गया था। तटबंध टूटने से बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल घर और गांव में पानी घुस गया। मंत्री के घर से करीब 500 मीटर दूर बांध टूटा था। आधी रात करीब 2:30 बजे प्रशासन को कटाव की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, अपर समाहर्ता नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारी और अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बांध की स्थिति का जायजा लिया और वहीं कैंप कर निगरानी शुरू कर दी। मंत्री के घर के पास कटाव ने बढ़ाई चिंता पदाधिकारी के मुताबिक कटाव के कारण पानी नवगछिया की ओर बढ़ रहा था। इसे देखते हुए पानी के प्रवाह को रोकने और बांध को सुरक्षित रखने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग की पूरी टीम को युद्धस्तर पर लगाया गया था। प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए मौके पर अपनी पूरी मशीनरी लगा दी थी। फिलहाल प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग का पूरा फोकस कटाव को नियंत्रित करने और पानी के प्रवाह को रोकने पर है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि कटाव की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। सभी संबंधित अधिकारी और अभियंता मौके पर कैंप कर रहे हैं। कटाव को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य जारी है और आम लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

