Aruna Irani Video After Husband Kuku Kohli Death: दिग्गज फिल्ममेकर कुकू कोहली के हुए निधन ने जहां पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डुबो दिया है, वहीं उनकी पत्नी और अभिनेत्री अरुणा ईरानी इस दुखद हादसे से बुरी तरह टूट गई हैं। 77 साल की उम्र में कुकू कोहली को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। अब उनके आखिरी दर्शन करने पहुंची पत्नी अरुणा ईरानी का वीडियो सामने आया है।
पति कुकू कोहली के अंतिम दर्शन करने पहुंचीं एक्ट्रेस
अरुणा ईरानी का जो वीडियो सामने आया है। उसमें वह पूरी तरह बेसुध हालत में नजर आ रही हैं। अपने पति को खोने के गम में वह इतनी गमगीन थीं कि उनसे खुद के पैरों पर चला भी नहीं जा रहा था। वहां मौजूद रिश्तेदार और करीबी लोग उन्हें दोनों तरफ से थामकर और सहारा देकर चलाते हुए दिख रहे हैं।
कुकू कोहली का हुआ अंतिम संस्कार
कुकू कोहली का अंतिम संस्कार बुधवार को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट पर किया गया। इससे पहले उनके आवास ग्रीन एकर्स, लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में अंतिम दर्शन का कार्यक्रम रखा गया था।
कुकू कोहली ने 1990 में अरुणा ईरानी से दूसरी शादी की थी। इस कपल की अपनी कोई संतान नहीं है। कुकू कोहली की पहली पत्नी रीटा कोहली से दो बेटियां हैं। ‘फूल और कांटे’ से अजय देवगन को डेब्यू देने वाले कुकू कोहली ने तीन दशकों तक हिंदी सिनेमा में काम किया था।
उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है, और अरुणा ईरानी के इस दुख में परिवार और दोस्त उनके साथ खड़े हैं।
कुकू कोहली ने बनाया अजय देवगन का करियर
कुकू कोहली का असली नाम अवतार कोहली था। उन्हें मुख्य रूप से बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन को सिल्वर स्क्रीन पर लॉन्च करने के लिए याद किया जाता है। एक निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ (1991) बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी।
अजय देवगन की दो मोटरसाइकिलों पर पैर रखकर आइकॉनिक एंट्री आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में बसी हुई है। इस फिल्म में अजय देवगन के साथ मधु, अमरीश पुरी, अरुणा ईरानी और जगदीप मुख्य भूमिकाओं में थे।
इसके बाद उन्होंने 1994 में ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सुहाग’ का निर्देशन किया, जिसमें पहली बार अजय देवगन और अक्षय कुमार की जोड़ी पर्दे पर एक साथ नजर आई। इसमें करिश्मा कपूर और नगमा भी मुख्य भूमिका में थीं। इसके अलावा उन्होंने ‘कोहराम’, ‘हकीकत’ (1995), ‘ज़ुल्मी’ (1999), ‘अनाड़ी नंबर 1’ (1999) और ‘ये दिल आशिकाना’ (2002) जैसी कई यादगार और सफल फिल्मों का निर्देशन किया था।

