सुपौल के पिपरा थाना क्षेत्र के कटैया चौक पर कीर्तन कर रहे लोगों को तेज रफ्तार कार से रौंदे जाने की घटना के बाद आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व आईआरएस अधिकारी बैद्यनाथ मेहता बुधवार दोपहर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे को हृदय विदारक बताते हुए सरकार से शराबबंदी की समीक्षा और सीमावर्ती इलाके में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार कार ने सड़क से काफी दूर बैठकर कीर्तन-भजन कर रहे लोगों को जोरदार टक्कर मारी। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार करीब 50 मीटर दूर स्थित एक घर में जा घुसी। सूखा नशा और अन्य मादक पदार्थों का चलन बढ़ा उन्होंने हादसे के पीछे नशे की आशंका जताते हुए कहा कि चालक संभवत: अपने नियंत्रण में नहीं था। मेहता ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद सीमावर्ती क्षेत्र में सूखा नशा और अन्य मादक पदार्थों का चलन बढ़ रहा है। नेपाल सीमा से सटे इलाके में नशे की तस्करी पर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। तेज रफ्तार वाहनों और नशे के इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से ऐसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। बैद्यनाथ मेहता ने सरकार से पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करने या फिर इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में शराब तस्करी और सूखे नशे पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सुपौल के पिपरा थाना क्षेत्र के कटैया चौक पर कीर्तन कर रहे लोगों को तेज रफ्तार कार से रौंदे जाने की घटना के बाद आरजेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व आईआरएस अधिकारी बैद्यनाथ मेहता बुधवार दोपहर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे को हृदय विदारक बताते हुए सरकार से शराबबंदी की समीक्षा और सीमावर्ती इलाके में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार कार ने सड़क से काफी दूर बैठकर कीर्तन-भजन कर रहे लोगों को जोरदार टक्कर मारी। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार करीब 50 मीटर दूर स्थित एक घर में जा घुसी। सूखा नशा और अन्य मादक पदार्थों का चलन बढ़ा उन्होंने हादसे के पीछे नशे की आशंका जताते हुए कहा कि चालक संभवत: अपने नियंत्रण में नहीं था। मेहता ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद सीमावर्ती क्षेत्र में सूखा नशा और अन्य मादक पदार्थों का चलन बढ़ रहा है। नेपाल सीमा से सटे इलाके में नशे की तस्करी पर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। तेज रफ्तार वाहनों और नशे के इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से ऐसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। बैद्यनाथ मेहता ने सरकार से पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करने या फिर इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में शराब तस्करी और सूखे नशे पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

