नालंदा में खुलेंगे 225 सुधा बिक्री केंद्र:चूल्हा-चौका छोड़ उद्यमिता की राह, जीविका दीदियां बनेंगी कारोबारी; दुकान की चाबी सौंपी गई

नालंदा में खुलेंगे 225 सुधा बिक्री केंद्र:चूल्हा-चौका छोड़ उद्यमिता की राह, जीविका दीदियां बनेंगी कारोबारी; दुकान की चाबी सौंपी गई

नालंदा जिले की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया। जिले के चंडी प्रखंड अंतर्गत बढ़ौना गांव की रहने वाली जीविका दीदी ललिता देवी को पटना सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित विशेष समारोह के दौरान सीएम ने सुधा बिक्री केंद्र की चाबी और कॉम्फेड की ओर से निर्गत आधिकारिक लाइसेंस सौंपा। इस शुरुआत के साथ ही नालंदा जिले में कुल 225 सुधा बिक्री केंद्रों की स्थापना के बड़े अभियान का विधिवत आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री के हाथों यह सम्मान और जिम्मेदारी पाकर ललिता देवी जिले की सैकड़ों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन गई हैं। दुकान की चाबी सौंपी गई ​ललिता देवी के इस नए सुधा बिक्री केंद्र के माध्यम से नालंदा डेयरी उत्पादित दूध, दही, पेड़ा, पनीर, घी और अन्य तमाम गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद अब सीधे स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं को आसानी से उपलब्ध होंगे। यह बिक्री केंद्र न केवल गांव और आसपास के लोगों को शुद्ध उत्पाद मुहैया कराएगा, बल्कि ललिता देवी के परिवार के लिए नियमित, सम्मानजनक और स्थायी आमदनी का मजबूत जरिया भी साबित होगा। जिला प्रशासन और जीविका परियोजना की देखरेख में अब जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में चरणबद्ध तरीके से 225 ऐसे आधुनिक बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संपूर्ण संचालन पूरी तरह प्रशिक्षित जीविका दीदियों के हाथों में ही रहेगा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) और जीविका के आपसी अभिसरण से इस व्यापक योजना को जमीन पर उतारा गया है। इस संयुक्त पहल के तहत चयनित महिलाओं को सिर्फ दुकान की चाबी ही नहीं दी जा रही है, बल्कि केंद्रों पर डेयरी उत्पादों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए डीप फ्रीजर, आधुनिक रेफ्रिजरेशन उपकरण और सुचारु संचालन से जुड़े सभी आवश्यक संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं को खुदरा कारोबार, डिजिटल भुगतान, स्टॉक प्रबंधन और ग्राहक सेवा का बुनियादी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना व्यवसाय चला सके। जिले के लिए गौरव की बात ​पटना में आयोजित इस राज्यस्तरीय समारोह में प्रदेश भर से चयनित पांच प्रमुख महिला उद्यमियों को यह दायित्व सौंपा गया, जिसमें नालंदा की ललिता देवी का चयन पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बना हुआ है। जीविका की मजबूत सामुदायिक शक्ति और कॉम्फेड के विशाल व्यावसायिक डेयरी नेटवर्क का यह मेल नालंदा के ग्रामीण अंचल में महिलाओं के नेतृत्व वाले एक नए आर्थिक मॉडल को जन्म दे रहा है।
​ललिता देवी की यह सफलता आने वाले दिनों में जिले की अन्य जीविका दीदियों के भीतर उद्यमिता का नया विश्वास जगाएगी। यह पहल साबित करती है कि यदि सही संस्थागत सहयोग, वित्तीय अवसर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण महिलाएं चूल्हा-चौका संभालते हुए भी सफल कारोबारी बनकर समाज और परिवार की आर्थिक दशा को पूरी तरह बदल सकती हैं। नालंदा जिले की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया। जिले के चंडी प्रखंड अंतर्गत बढ़ौना गांव की रहने वाली जीविका दीदी ललिता देवी को पटना सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित विशेष समारोह के दौरान सीएम ने सुधा बिक्री केंद्र की चाबी और कॉम्फेड की ओर से निर्गत आधिकारिक लाइसेंस सौंपा। इस शुरुआत के साथ ही नालंदा जिले में कुल 225 सुधा बिक्री केंद्रों की स्थापना के बड़े अभियान का विधिवत आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री के हाथों यह सम्मान और जिम्मेदारी पाकर ललिता देवी जिले की सैकड़ों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन गई हैं। दुकान की चाबी सौंपी गई ​ललिता देवी के इस नए सुधा बिक्री केंद्र के माध्यम से नालंदा डेयरी उत्पादित दूध, दही, पेड़ा, पनीर, घी और अन्य तमाम गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद अब सीधे स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं को आसानी से उपलब्ध होंगे। यह बिक्री केंद्र न केवल गांव और आसपास के लोगों को शुद्ध उत्पाद मुहैया कराएगा, बल्कि ललिता देवी के परिवार के लिए नियमित, सम्मानजनक और स्थायी आमदनी का मजबूत जरिया भी साबित होगा। जिला प्रशासन और जीविका परियोजना की देखरेख में अब जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में चरणबद्ध तरीके से 225 ऐसे आधुनिक बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संपूर्ण संचालन पूरी तरह प्रशिक्षित जीविका दीदियों के हाथों में ही रहेगा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) और जीविका के आपसी अभिसरण से इस व्यापक योजना को जमीन पर उतारा गया है। इस संयुक्त पहल के तहत चयनित महिलाओं को सिर्फ दुकान की चाबी ही नहीं दी जा रही है, बल्कि केंद्रों पर डेयरी उत्पादों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए डीप फ्रीजर, आधुनिक रेफ्रिजरेशन उपकरण और सुचारु संचालन से जुड़े सभी आवश्यक संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं को खुदरा कारोबार, डिजिटल भुगतान, स्टॉक प्रबंधन और ग्राहक सेवा का बुनियादी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना व्यवसाय चला सके। जिले के लिए गौरव की बात ​पटना में आयोजित इस राज्यस्तरीय समारोह में प्रदेश भर से चयनित पांच प्रमुख महिला उद्यमियों को यह दायित्व सौंपा गया, जिसमें नालंदा की ललिता देवी का चयन पूरे जिले के लिए गौरव का विषय बना हुआ है। जीविका की मजबूत सामुदायिक शक्ति और कॉम्फेड के विशाल व्यावसायिक डेयरी नेटवर्क का यह मेल नालंदा के ग्रामीण अंचल में महिलाओं के नेतृत्व वाले एक नए आर्थिक मॉडल को जन्म दे रहा है।
​ललिता देवी की यह सफलता आने वाले दिनों में जिले की अन्य जीविका दीदियों के भीतर उद्यमिता का नया विश्वास जगाएगी। यह पहल साबित करती है कि यदि सही संस्थागत सहयोग, वित्तीय अवसर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ग्रामीण महिलाएं चूल्हा-चौका संभालते हुए भी सफल कारोबारी बनकर समाज और परिवार की आर्थिक दशा को पूरी तरह बदल सकती हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *