‘सत्ता पक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया’:राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने NEET पेपर लीक, चंदा चोरी और E-20 पर उठाए सवाल

‘सत्ता पक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया’:राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने NEET पेपर लीक, चंदा चोरी और E-20 पर उठाए सवाल

सुपौल में छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, महंगाई, चंदा चोरी और E-20 पेट्रोल जैसे कई अहम मुद्दे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष इन सवालों पर चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की समस्या से जूझ रहा है। NEET परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित कई राज्यों में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। सदन को चलने नहीं देने का आरोप उन्होंने उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों का जिक्र किया। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए और कहा कि इसमें पेपर लीक को लेकर जल्द और खुलासा करेंगी। सांसद ने कहा कि छात्र जंतर-मंतर से लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और राहुल गांधी लगातार छात्रों की समस्याओं को सदन में उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, संसद में इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया। राम मंदिर से जुड़े चंदे को लेकर भी सवाल राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने राम मंदिर निर्माण के दौरान मिले चंदे और मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा से लगातार पूछा जा रहा है कि चंदे का पैसा कहां गया और किसने चोरी की, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कई सप्ताह से इस मुद्दे पर जवाब मांग रहा है, लेकिन सरकार चुप है। E-20 पेट्रोल पर सरकार से मांगा जवाब उन्होंने E-20 पेट्रोल को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथनॉल मिलाने से वाहनों के माइलेज और इंजन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि आम लोग अपनी मेहनत की कमाई से बाइक या चारपहिया वाहन खरीदते हैं और अगर माइलेज कम होता है तो इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर आनन-फानन में एथनॉल मिश्रण बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया। महंगाई पर भी सरकार को घेरा सांसद ने चीनी की कीमत बढ़ने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सब्जियों, दालों और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमत पहले से बढ़ी हुई है। ऐसे में चीनी की कीमत अचानक बढ़ने के पीछे क्या कारण है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन सभी मुद्दों को संसद में उठाकर जनता के सवालों का जवाब मांगना चाहता है। सुपौल में छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, महंगाई, चंदा चोरी और E-20 पेट्रोल जैसे कई अहम मुद्दे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष इन सवालों पर चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की समस्या से जूझ रहा है। NEET परीक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित कई राज्यों में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। सदन को चलने नहीं देने का आरोप उन्होंने उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों का जिक्र किया। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए और कहा कि इसमें पेपर लीक को लेकर जल्द और खुलासा करेंगी। सांसद ने कहा कि छात्र जंतर-मंतर से लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और राहुल गांधी लगातार छात्रों की समस्याओं को सदन में उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, संसद में इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सत्ता पक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया। राम मंदिर से जुड़े चंदे को लेकर भी सवाल राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने राम मंदिर निर्माण के दौरान मिले चंदे और मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा से लगातार पूछा जा रहा है कि चंदे का पैसा कहां गया और किसने चोरी की, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कई सप्ताह से इस मुद्दे पर जवाब मांग रहा है, लेकिन सरकार चुप है। E-20 पेट्रोल पर सरकार से मांगा जवाब उन्होंने E-20 पेट्रोल को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथनॉल मिलाने से वाहनों के माइलेज और इंजन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि आम लोग अपनी मेहनत की कमाई से बाइक या चारपहिया वाहन खरीदते हैं और अगर माइलेज कम होता है तो इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर आनन-फानन में एथनॉल मिश्रण बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया। महंगाई पर भी सरकार को घेरा सांसद ने चीनी की कीमत बढ़ने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सब्जियों, दालों और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमत पहले से बढ़ी हुई है। ऐसे में चीनी की कीमत अचानक बढ़ने के पीछे क्या कारण है, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन सभी मुद्दों को संसद में उठाकर जनता के सवालों का जवाब मांगना चाहता है।  

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