भागलपुर टीएमबीयू में पार्ट-2 और पार्ट-3 का सेशन लेट:छात्रों ने कहा- परीक्षा फॉर्म और तारीख का इंतजार; यूनिवर्सिटी प्रशासन असमंजस दूर करे

भागलपुर टीएमबीयू में पार्ट-2 और पार्ट-3 का सेशन लेट:छात्रों ने कहा- परीक्षा फॉर्म और तारीख का इंतजार; यूनिवर्सिटी प्रशासन असमंजस दूर करे

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्नातक पार्ट-2 और पार्ट-3 का सत्र निर्धारित समय से पीछे चलने के कारण छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को छात्र अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे और परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने और परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग रखी। छात्र किशन कुमार ने बताया कि स्नातक पार्ट-2 का सत्र 2024-27 और पार्ट-3 का सत्र 2023-26 है। इसके बावजूद अब तक दोनों परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है। किशन कुमार ने कहा कि परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्रों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि परीक्षा कब होगी और फॉर्म कब से भरा जाएगा। “परीक्षा की तारीख और फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन असमंजस दूर करे’ किशन कुमार ने बताया कि परीक्षा की तारीख और फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर छात्र लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। किशन कुमार ने कहा कि मंगलवार को छात्रों की परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात हुई और उनके सामने परीक्षा की तारीख तथा फॉर्म भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग रखी गई। किशन ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से सितंबर में परीक्षा फॉर्म भराने की बात कही जा रही है। यदि सितंबर में फॉर्म भराया जाता है तो अक्टूबर में परीक्षा होने की संभावना है। इसके बाद नवंबर में रिजल्ट और दिसंबर तक मार्कशीट मिलने की संभावना जताई जा रही है। किशन कुमार ने कहा कि यदि प्रक्रिया इसी समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ती है तो स्नातक की पढ़ाई पूरी करने में और देरी होगी। छात्र बोले- एग्जाम और रिजल्ट में देरी से पीजी में एडमिशन प्रभावित हो सकती है किशन कुमार ने बताया कि पार्ट-3 के छात्रों के सामने सबसे बड़ी चिंता आगे की पढ़ाई को लेकर है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी पीजी में नामांकन लेना चाहते हैं। किशन कुमार ने कहा कि पार्ट-3 की परीक्षा और रिजल्ट में देरी होने से पीजी में नामांकन की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। किशन कुमार ने कहा कि परीक्षा में देरी का असर केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और करियर की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। समय पर परीक्षा नहीं होने से रिजल्ट और मार्कशीट भी देर से मिलती है। इसके कारण पीजी में नामांकन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। वहीं, मामले पर परीक्षा नियंत्रक बीके ओझा ने कहा कि हम लोग जल्द मामले की कमेटी बनाकर छात्रों की समस्या का समाधान करवाएंगे। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्नातक पार्ट-2 और पार्ट-3 का सत्र निर्धारित समय से पीछे चलने के कारण छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को छात्र अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे और परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने और परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग रखी। छात्र किशन कुमार ने बताया कि स्नातक पार्ट-2 का सत्र 2024-27 और पार्ट-3 का सत्र 2023-26 है। इसके बावजूद अब तक दोनों परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की गई है। किशन कुमार ने कहा कि परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्रों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि परीक्षा कब होगी और फॉर्म कब से भरा जाएगा। “परीक्षा की तारीख और फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन असमंजस दूर करे’ किशन कुमार ने बताया कि परीक्षा की तारीख और फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर छात्र लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। किशन कुमार ने कहा कि मंगलवार को छात्रों की परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात हुई और उनके सामने परीक्षा की तारीख तथा फॉर्म भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग रखी गई। किशन ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से सितंबर में परीक्षा फॉर्म भराने की बात कही जा रही है। यदि सितंबर में फॉर्म भराया जाता है तो अक्टूबर में परीक्षा होने की संभावना है। इसके बाद नवंबर में रिजल्ट और दिसंबर तक मार्कशीट मिलने की संभावना जताई जा रही है। किशन कुमार ने कहा कि यदि प्रक्रिया इसी समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ती है तो स्नातक की पढ़ाई पूरी करने में और देरी होगी। छात्र बोले- एग्जाम और रिजल्ट में देरी से पीजी में एडमिशन प्रभावित हो सकती है किशन कुमार ने बताया कि पार्ट-3 के छात्रों के सामने सबसे बड़ी चिंता आगे की पढ़ाई को लेकर है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी पीजी में नामांकन लेना चाहते हैं। किशन कुमार ने कहा कि पार्ट-3 की परीक्षा और रिजल्ट में देरी होने से पीजी में नामांकन की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। किशन कुमार ने कहा कि परीक्षा में देरी का असर केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और करियर की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। समय पर परीक्षा नहीं होने से रिजल्ट और मार्कशीट भी देर से मिलती है। इसके कारण पीजी में नामांकन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। वहीं, मामले पर परीक्षा नियंत्रक बीके ओझा ने कहा कि हम लोग जल्द मामले की कमेटी बनाकर छात्रों की समस्या का समाधान करवाएंगे।  

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