नवादा के वारिसलीगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 15 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए गए हैं। ये आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर डीएसपी सुजय विद्यार्थी के द्वारा तीन गठन किया गया जहां थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के द्वारा कार्रवाई की गई है। एसपी नवादा के निर्देश पर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूलते थे पैसे इस टीम ने चकवाय-गौसपुर सड़क किनारे बगीचा, चैनपुरा बजरंगबली मंदिर के पास और मीर बिगहा ईंट-भट्ठा के समीप छापेमारी की। तीनों स्थानों से क्रमशः तीन, दो और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खुद को बैंक मैनेजर या फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस लोन स्वीकृति के नाम पर आधार, पैन, बैंक पासबुक, फोटो और ई-मेल जैसी निजी जानकारियां लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव कुमार, शुभम कुमार, कन्हैया कुमार, सन्टू कुमार, सौरभ कुमार, साहिल कुमार और सचिन कुमार के रूप में हुई है। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 613/26 दर्ज कर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइलों की तकनीकी जांच कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। नवादा के वारिसलीगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 15 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए गए हैं। ये आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर डीएसपी सुजय विद्यार्थी के द्वारा तीन गठन किया गया जहां थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के द्वारा कार्रवाई की गई है। एसपी नवादा के निर्देश पर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूलते थे पैसे इस टीम ने चकवाय-गौसपुर सड़क किनारे बगीचा, चैनपुरा बजरंगबली मंदिर के पास और मीर बिगहा ईंट-भट्ठा के समीप छापेमारी की। तीनों स्थानों से क्रमशः तीन, दो और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खुद को बैंक मैनेजर या फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस लोन स्वीकृति के नाम पर आधार, पैन, बैंक पासबुक, फोटो और ई-मेल जैसी निजी जानकारियां लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव कुमार, शुभम कुमार, कन्हैया कुमार, सन्टू कुमार, सौरभ कुमार, साहिल कुमार और सचिन कुमार के रूप में हुई है। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 613/26 दर्ज कर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइलों की तकनीकी जांच कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

