चंदौली जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यालय से जुलूस निकालकर कस्बा चौकी के पास प्रदर्शन किया गया। शुरुआत में मौके पर कोई सक्षम अधिकारी या कोतवाल नहीं पहुंचे, जिससे नाराज कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। लगभग आधे घंटे बाद सदर कोतवाल बी.के. पांडेय घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया और उनसे ज्ञापन भी लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान का अपमान किया था। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से देश और प्रदेश में हालात खराब हुए हैं, और भाजपा के लोग बार-बार राष्ट्र और राष्ट्रगान का अपमान करते हैं। उन्होंने उन्नाव में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा की गई राष्ट्रगान के अपमान की घटना को इसका ताजा उदाहरण बताया। द्विवेदी ने यह भी कहा कि भाजपा के लोगों ने देश की आजादी में हिस्सा नहीं लिया था, जिसके चलते वे राष्ट्र, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का अपमान करते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा की गई घटना के सभी वीडियो फुटेज की जांच की जाए। साथ ही, कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं। यदि इस मामले में सतीश महाना दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के पद से बर्खास्त किया जाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये सभी घटनाएं भाजपा के बड़े नेताओं के इशारे पर हो रही हैं। कांग्रेस पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता इसका विरोध करता है और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को सचेत कर रहा है। इस दौरान मधु राय, रजनीकांत पाण्डेय, दयाराम पटेल, राजेंद्र कुमार गौतम, राम मुरत गुप्ता, रामाअवतार यादव, शमशेर खान, गुलाम अली, मुनीर खान, रामानंद सिंह यादव, चंद्रवंश सिंह, दिनेश चंद्र, राकेश पाठक, गंगा प्रसाद, श्रीकांत पाठक सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

