India China Border Talks: भारत और चीन सीमा विवाद को लेकर बातचीत जारी रखने पर सहमत हैं। 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता से एक दिन पहले चीन ने कहा कि दोनों देश नेताओं के बीच बनी सहमति की भावना के अनुरूप सीमा मुद्दे पर ‘गहन संवाद’ जारी रखेंगे। यह वार्ता मंगलवार को बीजिंग में होगी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और भारत-चीन सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि अजीत डोभाल दो दिवसीय यात्रा पर बीजिंग पहुंच चुके हैं। उन्हें चीन के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी ने वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
चीन ने क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोमवार को बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि विशेष प्रतिनिधियों की बैठक दोनों देशों के बीच सीमा वार्ता का प्रमुख माध्यम है। यह आपसी चिंता के मुद्दों पर संवाद का भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अगस्त में दोनों देशों ने सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और गहन विचार-विमर्श किया था तथा कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी। लिन जियान के मुताबिक, आगामी बैठक में दोनों देश उस सहमति की भावना के अनुरूप सीमा मुद्दे पर गहन बातचीत जारी रखेंगे। दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
हान झेंग से भी मिलेंगे अजीत डोभाल
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अजीत डोभाल अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे। भारत लगातार यह रुख रखता आया है कि सीमा पर स्थिति का असर दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसी महीने कहा था कि भारत ने चीन के साथ बातचीत में हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि सीमा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे बेहद गंभीर हैं और वहां शांति एवं स्थिरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
LAC पर भी दोनों देशों के बीच हुई बातचीत
भारत और चीन के अधिकारियों के बीच 6 अगस्त को भारत-चीन सीमा मामलों पर वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की 36वीं बैठक हुई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति पर स्पष्ट चर्चा की थी। भारत ने बैठक में दोहराया था कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के संबंधों के समग्र विकास के लिए जरूरी है। दोनों पक्षों ने लंबित मुद्दों को सुलझाने और LAC पर गलतफहमी या गलत आकलन की स्थिति से बचने के लिए मौजूदा तंत्रों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमति जताई थी।

