DM ने सड़क सुरक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश:बिना हेलमेट-सीटबेल्ट, तेज रफ्तार पर चलेगा अभियान; कहा-ब्लैक स्पॉट पर पेड़ों में लगेंगे रिफ्लेक्टिव टेप

DM ने सड़क सुरक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश:बिना हेलमेट-सीटबेल्ट, तेज रफ्तार पर चलेगा अभियान; कहा-ब्लैक स्पॉट पर पेड़ों में लगेंगे रिफ्लेक्टिव टेप

शेखपुरा में बढ़ते सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक हुई। अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने की। बैठक में जिले की यातायात व्यवस्था और हाल के दिनों में हुए सड़क हादसों के कारणों की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाने को कहा गया। बिना हेलमेट और सीटबेल्ट वालों पर होगी सख्ती बैठक में डीएम ने बिना हेलमेट और बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों के खिलाफ जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही तेज रफ्तार वाहन चलाने और बिना वैध कागजात के सड़क पर उतरने वाले वाहनों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर कार्रवाई के साथ सड़क हादसों के प्रमुख कारणों पर नियंत्रण पाना है। अधिकारियों को नियमित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। ब्लैक स्पॉट पर पेड़ों में लगेंगे रिफ्लेक्टिव टेप दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए सड़कों के किनारे मौजूद पेड़ों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाएंगे। रात में वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही रिफ्लेक्टिव टेप चमकेंगे, जिससे चालकों को सड़क, मोड़ और आसपास की स्थिति का दूर से अंदाजा हो सकेगा। इससे अंधेरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों की होगी छंटाई बैठक में सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों और पेड़ों की ऐसी टहनियों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया, जिनसे वाहन चालकों की दृश्यता बाधित होती है। विशेष रूप से मोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क किनारे की बाधाओं को हटाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को ऐसे स्थानों की पहचान कर जल्द कार्रवाई करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाएंगे CCTV कैमरे दुर्घटना संभावित और संवेदनशील स्थलों पर निगरानी मजबूत करने के लिए CCTV कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि कैमरों से यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के साथ दुर्घटनाओं के बाद जांच में भी मदद मिलेगी। इन स्थानों पर कानून-व्यवस्था और यातायात की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। स्कूल-कॉलेज के पास बनेंगे जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों, खासकर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख चौराहों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास प्राथमिकता के आधार पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में कहा गया कि शिक्षण संस्थानों के आसपास बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे स्थानों पर सड़क पार करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था होने से दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है। गड्ढों वाली सड़कों की जल्द होगी मरम्मत सड़क हादसों का एक कारण क्षतिग्रस्त और गड्ढों वाली सड़कें भी हैं। इसे देखते हुए जिले की खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत कराने को कहा, ताकि गड्ढों और खराब सड़क के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके। सड़क और फुटपाथ से हटेगा अतिक्रमण शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क पर आवाजाही की समस्या को देखते हुए सभी नगर निकायों को भी निर्देश दिया गया है। नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सड़क और फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त होने से वाहनों के साथ पैदल यात्रियों की आवाजाही भी सुगम होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी। डीएम बोले- सड़क सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त बैठक में डीएम शेखर आनंद ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। यातायात नियमों का पालन कराने के लिए जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को हादसों की रोकथाम के लिए सिर्फ दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में एसपी हिमांशु, एडीएम लखींद्र पासवान, डीडीसी राकेश कुमार, डीटीओ, डीईओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और हादसों को कम करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की। शेखपुरा में बढ़ते सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक हुई। अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने की। बैठक में जिले की यातायात व्यवस्था और हाल के दिनों में हुए सड़क हादसों के कारणों की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाने को कहा गया। बिना हेलमेट और सीटबेल्ट वालों पर होगी सख्ती बैठक में डीएम ने बिना हेलमेट और बिना सीटबेल्ट वाहन चलाने वालों के खिलाफ जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही तेज रफ्तार वाहन चलाने और बिना वैध कागजात के सड़क पर उतरने वाले वाहनों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर कार्रवाई के साथ सड़क हादसों के प्रमुख कारणों पर नियंत्रण पाना है। अधिकारियों को नियमित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। ब्लैक स्पॉट पर पेड़ों में लगेंगे रिफ्लेक्टिव टेप दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए सड़कों के किनारे मौजूद पेड़ों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाएंगे। रात में वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही रिफ्लेक्टिव टेप चमकेंगे, जिससे चालकों को सड़क, मोड़ और आसपास की स्थिति का दूर से अंदाजा हो सकेगा। इससे अंधेरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों की होगी छंटाई बैठक में सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों और पेड़ों की ऐसी टहनियों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया, जिनसे वाहन चालकों की दृश्यता बाधित होती है। विशेष रूप से मोड़ और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क किनारे की बाधाओं को हटाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को ऐसे स्थानों की पहचान कर जल्द कार्रवाई करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाएंगे CCTV कैमरे दुर्घटना संभावित और संवेदनशील स्थलों पर निगरानी मजबूत करने के लिए CCTV कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि कैमरों से यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के साथ दुर्घटनाओं के बाद जांच में भी मदद मिलेगी। इन स्थानों पर कानून-व्यवस्था और यातायात की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। स्कूल-कॉलेज के पास बनेंगे जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों, खासकर विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रमुख चौराहों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास प्राथमिकता के आधार पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में कहा गया कि शिक्षण संस्थानों के आसपास बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे स्थानों पर सड़क पार करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था होने से दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है। गड्ढों वाली सड़कों की जल्द होगी मरम्मत सड़क हादसों का एक कारण क्षतिग्रस्त और गड्ढों वाली सड़कें भी हैं। इसे देखते हुए जिले की खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत कराने को कहा, ताकि गड्ढों और खराब सड़क के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके। सड़क और फुटपाथ से हटेगा अतिक्रमण शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क पर आवाजाही की समस्या को देखते हुए सभी नगर निकायों को भी निर्देश दिया गया है। नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सड़क और फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त होने से वाहनों के साथ पैदल यात्रियों की आवाजाही भी सुगम होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी। डीएम बोले- सड़क सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त बैठक में डीएम शेखर आनंद ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। यातायात नियमों का पालन कराने के लिए जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को हादसों की रोकथाम के लिए सिर्फ दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में एसपी हिमांशु, एडीएम लखींद्र पासवान, डीडीसी राकेश कुमार, डीटीओ, डीईओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिले में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और हादसों को कम करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की।  

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