IND vs SL 2nd Test: ध्रुव जुरेल ने मध्यक्रम में श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए सरफराज खान के लिए प्लेइंग इलेवन के रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं। वहीं, देवदत्त पडिक्कल गौतम गंभीर के खास कहे जाने वाले साई सुदर्शन की वापसी की राह में रोड़ा बन गए हैं।
IND vs SL 2nd Test: साई सुदर्शन के अनफिट होने पर सरफराज खान को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था। सुदर्शन के नंबर-3 की कुर्सी देवदत्त पडिक्कल के हथियाने के बाद सरफराज खान को मध्यक्रम में उतारने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ध्रुव जुरेल ने गॉल के बाद कोलंबो में शानदार प्रदर्शन करते हुए उनके लिए प्लेइंग इलेवन के रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं। अब सवाल ये है कि भारत की आगामी टेस्ट सीरीज न्यूजीलैंड के दौरे पर क्या गौतम गंभीर के खास माने जाने वाले सुदर्शन को किसकी जगह टीम में शामिल किया जाएगा?
देवदत्त पडिक्कल का न्यूजीलैंड के दौरे पर भी जाना तय
बता दें कि भारत की टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय से साई सुदर्शन नंबर-3 की भूमिका निभा रहे थे, लेकिन श्रीलंका दौरे से पहले उनके अनफिट होने पर देवदत्त पडिक्कल को मौका दिया गया। पडिक्कल ने वार्म अप मैच से ही अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। उसके बाद उन्होंने दोनों टेस्ट में दमदार प्रदर्शन करते हुए मौके को दोनों हाथों से भुनाया। अब माना जा रहा है कि सुदर्शन के लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करना आसान नहीं होगा। इसके लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि देवदत्त का न्यूजीलैंड के दौरे पर भी खेलना तय है।
श्रीलंका दौरे पर शानदार फॉर्म में पडिक्कल
बता दें कि साई सुदर्शन ने 7 टेस्ट की 12 पारियों में भारत के लिए 383 रन बनाए। वहीं, देवदत्त पडिक्कल 4 टेस्ट मैचों की 6 पारियों में ही 418 रन बना चुके हैं। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ पिछली तीन पारियों में 167, 44 और 117 रन की पारियां खेली हैं, जिसे देखकर माना जा रहा है कि वह लंबे समय तक नंबर-3 की भूमिका के लिए पहला विकल्प रहेंगे।
सरफराज खान को मध्यक्रम में भी जगह नहीं
वहीं, सरफराज खान की बात करें, तो उन्हें भी किस्मत का साथ नहीं मिल पा रहा है। जब सरफराज को टीम में शामिल किया गया तो माना जा रहा था कि उन्हें मध्यक्रम में मौका मिल सकता है और ध्रुव जुरेल को बाहर बैठना पड़ सकता है, क्योंकि इस सीरीज से पहले जुरेल 10 मैचों की 16 पारियों में सिर्फ 448 रन बना सके थे। लेकिन, इस सीरीज में उन्होंने 51, 7 और 115 की पारियां खेलते हुए मध्यक्रम की जगह पर भी कब्जा कर लिया है। इस असाधारण प्रदर्शन के बाद वह लंबे समय तक भारत की टेस्ट इलेवन में बने रह सकते हैं।
Sports – Patrika | CMS


My grandfather was a farmer and my father, a soldier.

