आयुष ने पिछले सप्ताह विश्व चैंपियनशिप के पहले राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी शी युकी को हराया था। वहीं सिंधु राउंड ऑफ 16 में चीन की दुनिया की नंबर-3 खिलाड़ी वांग झियी से हार गईं थीं।
Ayush Shetty, PV Sindhu withdraw from China Masters Super 750: भारत की दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और शीर्ष शटलर पीवी सिंधु ने चीन मास्टर्स सुपर 750 टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। सिंधु के आलवा स्टार पुरुष शटलर आयुष शेट्टी ने भी इस टूर्नामेंट में नहीं खेलने का फैसला किया है। टूर्नामेंट 1 सितंबर से शुरू होगा और एशियाई खेलों से पहले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का एकमात्र बड़ा आयोजन है।
आयुष ने वर्ल्ड नंबर 1 को हराया था
आयुष ने पिछले सप्ताह विश्व चैंपियनशिप के पहले राउंड में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी शी युकी को हराया था। घरेलू दर्शकों के सामने वे राउंड ऑफ 16 तक पहुँचे, लेकिन अल्वी फरहान से हार गए। उनके हटने के बाद पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। लक्ष्य को विश्व चैंपियनशिप के दूसरे राउंड में अमेरिका के दुनिया के 92वें रैंक के खिलाड़ी गैरेट टैन ने बाहर कर दिया था, जिससे भारतीय प्रशंसकों को निराशा हुई थी।
सिंधु ने विश्व चैंपियनशिप के राउंड ऑफ 16 में चीन की दुनिया की नंबर-3 खिलाड़ी वांग झियी के खिलाफ रोमांचक मुकाबला खेला, लेकिन हार गईं। मैच के बाद वे थकी हुई दिख रही थीं, जो उनके टूर्नामेंट से हटने का एक कारण हो सकता है। उनके अलावा मालविका बंसोड़ और आकर्षी कश्यप भी बाहर हो गई हैं। अब महिलाओं के सिंगल्स में उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तन्वी शर्मा भारतीय चुनौती संभालेंगी।
रंकीरेड्डी और चिराग की वापसी
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चोट से उबरकर लौटे थे, लेकिन राउंड ऑफ 16 में बाद में विश्व चैंपियन बने लियांग वेइकेन्ग और वांग चांग से हार गए। अब वे हरिहरन अमासुकरन और अर्जुन एमआर के साथ पुरुष डबल्स में भारत की अगुवाई करेंगे।
वहीं ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा के बाद विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला डबल्स जोड़ी बनकर इतिहास रचा था। फिर भी वे महिला डबल्स में शामिल नहीं हो रही हैं, जिससे इस श्रेणी में भारत का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रह गया है।
मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला-तनीषा क्रास्टो और रोहन कपूर-रुत्विका शिवानी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। कल राजधानी में विश्व चैंपियनशिप समाप्त होने के साथ ही भारत ने 2011 से हर संस्करण में मेडल जीतने का अपना सिलसिला जारी रखा।
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