इमिग्रेशन अधिकारियों ने पिता को उठाया तो टूट गया मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिका नौसैनिक, कहा- 12-12 घंटे की ड्यूटी अब भारी पड़ रही

इमिग्रेशन अधिकारियों ने पिता को उठाया तो टूट गया मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिका नौसैनिक, कहा- 12-12 घंटे की ड्यूटी अब भारी पड़ रही

अमेरिकी नौसेना का एक जवान इन दिनों मिडिल ईस्ट में जंग के बीच जहाज पर ड्यूटी कर रहा है। नौ महीने से ज्यादा समय से वह समुद्र में है। लेकिन उसके घर से आई खबर ने उसे तोड़ दिया है।

उसके पिता को अचानक इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। जोशुआ अविलेस नाम के इस नौसैनिक ने इस प्रकरण के बाद फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखा है।

‘मैं अमेरिका के लिए ही लड़ रहा हूं’

अमेरिकी नौसैनिक ने लिखा- मैं नौ महीने से ज्यादा समय से मिडिल ईस्ट में USS अब्राहम लिंकन पर तैनात हूं। इस देश ने मुझे सब कुछ दिया है, मैं उसी के लिए लड़ रहा हूं। अभी फोन आया कि मेरे पापा को ICE ने उठा लिया है।

बता दें कि उनके पिता के पास ड्राइविंग लाइसेंस, सोशल सिक्योरिटी कार्ड और वर्क परमिट था। परिवार ग्रीन कार्ड के लिए सारी प्रक्रिया कर चुका था। बस अप्रूवल का इंतजार था।

12-12 घंटे की ड्यूटी अब मुश्किल

जोशुआ ने आगे लिखा कि 12-12 घंटे की ड्यूटी करना अब मुश्किल लग रहा है। उन्हें पता नहीं कि उनके पिता को कैसा ट्रीटमेंट मिल रहा होगा। वे अपराधी की तरह ट्रीट किए जा रहे होंगे, यह सोचकर दिल भारी हो जाता है।

फ्लोरिडा में गाड़ी रोकी गई

होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अनुसार लुइस मैनुअल अविलेस रोआ को फ्लोरिडा के की वेस्ट में बॉर्डर पेट्रोल ने गाड़ी रोककर गिरफ्तार किया। वे निकारागुआ से हैं और अमेरिका में अवैध रूप से आए थे।

अब उन्हें इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट की हिरासत में रखा गया है। रिमूवल प्रोसीडिंग्स चलेगी। विभाग ने साफ कहा कि परिवार में कोई फौजी होने से कानून तोड़ने की छूट नहीं मिलती।

ट्रंप प्रशासन का क्या है स्टैंड?

ट्रंप प्रशासन अपनी इमिग्रेशन सख्ती को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहा है। वहीं कुछ अधिकार संगठन कह रहे हैं कि इस कार्रवाई में कई बार प्रक्रिया और बोलने की आजादी प्रभावित हो रही है।

USS अब्राहम लिंकन शनिवार को मिडिल ईस्ट छोड़ चुका है। इस जहाज ने 200 दिनों से ज्यादा समय तक बिना किसी बंदरगाह पर रुके समुद्र में बिताया। इस बीच कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने जहाज पर हालात खराब होने की शिकायतों के बाद जवाब मांगे थे।

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