Maharashtra News: नागपुर के गोधनी इलाके में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अचानक लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। वजह बनी एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव। रात में गैस की तेज गंध फैलने के बाद आसपास रहने वाले परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्लांट परिसर में रखे क्लोरीन टैंकर से गैस का रिसाव हुआ। रात का वक्त होने की वजह से आसपास के लोगों को शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया। जब गैस की गंध बढ़ी और लोगों को परेशानी होने लगी, तब मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची।
अचानक बिगड़ी लोगों की तबीयत
गैस के संपर्क में आने के बाद कई लोगों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। प्रभावित लोगों को इलाज के लिए नागपुर के मेयो अस्पताल और आसपास के निजी अस्पतालों में ले जाया गया। हालांकि, घटना से प्रभावित लोगों की सही संख्या अभी साफ नहीं है। अधिकारी फिलहाल पूरे इलाके में स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
घटना के बाद कुछ समय तक प्लांट के आसपास क्लोरीन की गंध महसूस होती रही। पुलिस के मुताबिक, हालात अब नियंत्रण में हैं। प्लांट से कुछ दूरी पर रहने वाले लोगों और गोधनी रोड से गुजरने वालों की सामान्य आवाजाही भी जारी रही।
ग्राम पंचायत के प्लांट में हुआ रिसाव
इस घटना को लेकर एक अहम बात यह है कि जिस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गैस लीक हुई, वह नागपुर महानगरपालिका (NMC) का प्लांट नहीं है। यह प्लांट गोधनी ग्राम पंचायत के तहत संचालित होता है।
गैस रिसाव को रोकने के लिए OCW की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव दल की मदद की। टीम के नितिन और किशोर ने SCBA उपकरण पहनकर रिसाव को नियंत्रित करने में सहयोग किया। इस दौरान पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
आखिर गैस लीक हुई कैसे?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्लोरीन टैंकर से गैस का रिसाव किस वजह से हुआ। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गैस की चपेट में आने से कुल कितने लोग प्रभावित हुए।
रात में अचानक इस घटना से आसपास के लोगों में कुछ समय के लिए डर जरूर फैल गया था। हालांकि, राहत और बचाव टीमों की कार्रवाई के बाद स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।

