सावन में पहली बार नर्मदापुरम में रविवार रात करीब ढाई घंटे तक तेज बारिश हुई। रात 10:15 बजे शुरू हुआ बारिश का दौर करीब 12:45 बजे तक जारी रहा। इस दौरान शहर में करीब ढाई इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई और करीब 100 फीट की दूरी तक की चीजें स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थीं। सोमवार सुबह बारिश थम गई, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए हैं और मौसम अब भी बारिश के अनुकूल बना हुआ है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है। बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह 6 बजे सेठानी घाट पर जलस्तर 950.40 फीट दर्ज किया गया, जो सुबह 8 बजे बढ़कर 950.70 फीट पहुंच गया। बढ़ते पानी के कारण घाट की कई सीढ़ियां जलमग्न हो गई। गर्मी के मौसम में सेठानी घाट पर नर्मदा का सामान्य जलस्तर करीब 934 फीट रहता है, जबकि बारिश के दौरान यह सामान्य तौर पर 937 से 938 फीट के आसपास रहता है। इस लिहाज से सोमवार सुबह नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 16 फीट अधिक दर्ज किया गया। बरगी डैम से पानी छोड़े जाने का असर
जबलपुर स्थित बरगी डैम के गेट पिछले पांच दिनों से खुले हैं। डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। बीते दो दिनों में सेठानी घाट पर जलस्तर करीब 7.2 फीट बढ़ चुका है। हर घंटे बढ़ रहा नर्मदा का जलस्तर
आंकड़ों के मुताबिक 22 अगस्त की सुबह से नर्मदा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। 22 अगस्त सुबह जलस्तर 943.20 फीट था। 23 अगस्त सुबह 8 बजे यह 947.20 फीट और सुबह 11 बजे 948 फीट पहुंच गया। सोमवार सुबह 6 बजे जलस्तर 950.40 फीट दर्ज हुआ, जबकि दो घंटे बाद यह 950.70 फीट हो गया। डैम पॉइंट पर जलस्तर में हर घंटे करीब 0.10 से 0.20 फीट की बढ़ोतरी होने की जानकारी है। हालांकि, नर्मदापुरम में नर्मदा नदी अभी खतरे के निशान से करीब 16.3 फीट नीचे बह रही है। नर्मदा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और घाटों के आसपास जाने से बचने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

