अब यूरोप भी हमले के लिए तैयार! ईरान की धमकी के 24 घंटे बाद ग्रीस ने क्रेटे में तैनात की पैट्रियट मिसाइल

अब यूरोप भी हमले के लिए तैयार! ईरान की धमकी के 24 घंटे बाद ग्रीस ने क्रेटे में तैनात की पैट्रियट मिसाइल

ईरान ने यूरोप में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी दी है। इस बात के सिर्फ 24 घंटे बाद ही ग्रीस ने अपने एयर डिफेंस को मजबूत करने का फैसला लिया है।

ग्रीक अखबार ‘काथिमेरिनी’ के हवाले से अलजजीरा ने बताया कि ईरानी धमकी के बाद ग्रीस की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। ग्रीस की रक्षा मंत्रालय और सेना के उच्चाधिकारियों ने पिछले हफ्ते से ही खतरे का आकलन शुरू कर दिया था। वे महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर काम कर रहे हैं।

जवानों को भी किया गया तैनात

ईरानी धमकी के बाद ग्रीस में एक पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को करपाथोस द्वीप से हटाकर क्रेटे के सौडा नौसैनिक अड्डे पर भेजा गया है। यह मिसाइल पूरे सामान और जवानों के साथ सुबह-सुबह करपाथोस से रवाना हुई।

उम्मीद है कि कुछ ही घंटों में यह सौडा इलाके में काम करने लायक हो जाएगी। मार्च में इस सिस्टम को करपाथोस पर इसलिए लगाया गया था ताकि एथेंस के फ्लाइट क्षेत्र को बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाया जा सके। अब इसे क्रेटे ले जाकर अमेरिकी और ग्रीक ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

ईरान के पास 2000 किलोमीटर हमला करने की क्षमता

ग्रीस की चिंता मुख्य रूप से ईरान के बचे हुए मिसाइल भंडार को लेकर है। सहयोगी देशों का आकलन है कि ईरान के पास अभी भी कई बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो 2000 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक मार कर सकती हैं।

इससे दक्षिण-पूर्वी यूरोप के कई अहम ठिकाने खतरे की जद में आ सकते हैं। इसी बीच ग्रीस एक और फैसला लेने के बारे में सोच रहा है। सऊदी अरब के यानबू में तैनात ग्रीक पैट्रियट यूनिट को वहां रखने या वापस बुलाने पर विचार चल रहा है।

सऊदी अरब में क्यों रखी गई यह मिसाइल यूनिट?

ज्यादा संभावना यही है कि ग्रीक पैट्रियट यूनिट को जल्दी ग्रीस वापस बुला लिया जाए। यह यूनिट ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर दागे गए मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में कामयाब रही है।

यूरोप में अमेरिकी ठिकानों को लेकर ईरान की धमकी के बाद कई देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से नजर डाल रहे हैं। क्रेटे का सौडा बेस अमेरिकी नौसेना के लिए भी महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां मिसाइल बैटरी लगाना रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

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