गयाजी से 4 अफसर लखीसराय भेजे गए:अशोकधाम में सुरक्षा-व्यवस्था संभालेंगे, भगदड़ में 7 लोगों की हुई थी मौत; अलर्ट मोड में प्रशासन

गयाजी से 4 अफसर लखीसराय भेजे गए:अशोकधाम में सुरक्षा-व्यवस्था संभालेंगे, भगदड़ में 7 लोगों की हुई थी मौत; अलर्ट मोड में प्रशासन

बिहार के लखीसराय में अंतिम सोमवारी पर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भगड़ के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। गयाजी से चार बड़े अधिकारियों को लखीसराय में तैनात किया गया है। इनके अलावा समस्तीपुर और वैशाली समेत दूसरे जिलों के अफसरों की भी ड्यूटी लगाई है। मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए बिहार प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुमार पंकज, अपर समाहर्ता विभागीय जांच रविशंकर शर्मा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आदित्य कुमार और वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार को लखीसराय भेजा गया है। ये अधिकारी 23-24 अगस्त और फिर 27-28 अगस्त को सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अधिकारियों को विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। जिले से भेजे गए सभी अफसरों के पास भीड़ नियंत्रण का अनुभव बेहतर है। इन्हें आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। भगदड़ में 7 लोगों की हुई थी मौत… इस बार भीड़ पर खास नजर 17 अगस्त को तीसरी सोमवारी पर यहां करीब 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। घटना के बाद अंतिम सोमवारी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। मंदिर, रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 27-28 अगस्त को भी जुटेंगे श्रद्धालु अशोकधाम में भीड़ सिर्फ अंतिम सोमवारी तक सीमित नहीं रहेगी। 27 और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। यह श्रावण मास के समापन और पूर्णिमा स्नान-पूजन से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। कई श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव का दर्शन और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी है। इससे मंदिर और आसपास के धार्मिक स्थलों पर आवाजाही बढ़ने की संभावना है। अशोकधाम में पूरे श्रावणी मेले के दौरान दूर-दूर से कांवरिया और श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के सोमवार यहां विशेष महत्व रखते हैं। अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। प्रशासन ने इसी वजह से 28 अगस्त तक मेले की विशेष व्यवस्था जारी रखी है। बिहार के लखीसराय में अंतिम सोमवारी पर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भगड़ के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। गयाजी से चार बड़े अधिकारियों को लखीसराय में तैनात किया गया है। इनके अलावा समस्तीपुर और वैशाली समेत दूसरे जिलों के अफसरों की भी ड्यूटी लगाई है। मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए बिहार प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुमार पंकज, अपर समाहर्ता विभागीय जांच रविशंकर शर्मा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आदित्य कुमार और वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार को लखीसराय भेजा गया है। ये अधिकारी 23-24 अगस्त और फिर 27-28 अगस्त को सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अधिकारियों को विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। जिले से भेजे गए सभी अफसरों के पास भीड़ नियंत्रण का अनुभव बेहतर है। इन्हें आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। भगदड़ में 7 लोगों की हुई थी मौत… इस बार भीड़ पर खास नजर 17 अगस्त को तीसरी सोमवारी पर यहां करीब 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। घटना के बाद अंतिम सोमवारी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। मंदिर, रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 27-28 अगस्त को भी जुटेंगे श्रद्धालु अशोकधाम में भीड़ सिर्फ अंतिम सोमवारी तक सीमित नहीं रहेगी। 27 और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। यह श्रावण मास के समापन और पूर्णिमा स्नान-पूजन से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। कई श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव का दर्शन और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी है। इससे मंदिर और आसपास के धार्मिक स्थलों पर आवाजाही बढ़ने की संभावना है। अशोकधाम में पूरे श्रावणी मेले के दौरान दूर-दूर से कांवरिया और श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के सोमवार यहां विशेष महत्व रखते हैं। अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। प्रशासन ने इसी वजह से 28 अगस्त तक मेले की विशेष व्यवस्था जारी रखी है।  

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