बारिश ने एक बार फिर सरधना क्षेत्र के मुल्हेड़ा गांव में हालात बिगाड़ दिए। कई घंटे हुई तेज बारिश के बाद गांव की गलियां और मोहल्ले पानी में डूब गए। जलभराव इतना ज्यादा हो गया कि कई घरों तक पानी पहुंच गया। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। बारिश का पानी सड़कों पर भरने के साथ ही निचले इलाकों में स्थित मकानों के आसपास भी जमा हो गया। गलियों में कई फीट तक पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश जलभराव की स्थिति बिगड़ने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही पानी निकालने की कोशिश शुरू की। मोहल्ले में पंप लगाया गया और उसके जरिए पानी को बाहर निकालने का काम किया गया। लोग पंप के जरिए लगातार पानी निकालने में जुटे रहे। इसके बावजूद बारिश के कारण कई स्थानों पर दोबारा पानी जमा होता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बारिश के पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नालियों और पानी निकासी के रास्तों की क्षमता कम होने के कारण बारिश होते ही पानी सड़कों और गलियों में जमा हो जाता है। इस बार बारिश अधिक होने के कारण स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। हर बारिश में बनती है ऐसी स्थिति ग्रामीणों के अनुसार मुल्हेड़ा में जलभराव की समस्या नई नहीं है। बारिश के दिनों में हर बार गांव के कई हिस्सों में पानी भर जाता है। लोगों का आरोप है कि जलनिकासी के स्थायी इंतजाम नहीं होने के कारण उन्हें हर साल इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद गलियों में पानी जमा रहने से गंदगी और कीचड़ की समस्या भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत से गांव में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, नालियों की सफाई कराने और जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल बारिश के दौरान पंप लगाकर पानी निकालने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए गांव में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था जरूरी है।

