सीतापुर में बीते 24 घंटे के दौरान शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में करीब 20 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। पानी घटने के साथ ही रामपुर मथुरा क्षेत्र में नदी के कटान में तेजी आने लगी है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के 100 से अधिक परिवारों के सामने अब कटान का संकट खड़ा हो गया है। रविवार सुबह भी बैराजों से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी शारदा और घाघरा नदियों में छोड़ा गया है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में उतार के साथ बढ़ रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घाघरा नदी का जलस्तर रविवार को 118.20 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 21 सेंटीमीटर घटा है। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से करीब 80 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। पानी कम होने के बाद रामपुर मथुरा क्षेत्र के लोधनपुरवा, नागेश्वरपुरवा और बचउपुरवा समेत नदी किनारे बसे गांवों में कटान तेज हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक बीते दिनों जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी गांवों के संपर्क मार्गों तक पहुंच गया था। करीब डेढ़ सौ से अधिक घरों के सामने पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। अब पानी उतरने के बाद रास्तों और आसपास के इलाकों में कीचड़ जमा हो गया है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। कटान की आशंका को देखते हुए प्रभावित गांवों के ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की तैयारी भी कर चुके हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी का कटान इसी तरह जारी रहा तो खेतों के साथ आबादी भी प्रभावित हो सकती है। एडीएम आयुष चौधरी का कहना है कि प्रभावित गांवों में तहसील स्तर के लेखपाल और कानूनगो लगातार निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को लंच पैकेट और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

