आबकारी विभाग ने कथित तौर से दिल्ली से महिलाओं के जरिए केरलम में एमडीएमए की कथित तस्करी करने वाले एक बड़े मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। आबकारी अधिकारियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 279.3 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया।
संयुक्त आबकारी आयुक्त एस. विनोद कुमार ने बताया कि आबकारी विभाग की एर्नाकुलम रेंज की टीम को मिली सूचना के आधार पर कुछ दिन पहले यहां कलूर के एक आलीशान होटल से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें 18 वर्षीय युवती के पास से 49.3 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ था। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर वरुण देव नामक एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली।
वह थोक विक्रेता है और केरलम में एमडीएमए की तस्करी करता है। शनिवार को उनके एर्णाकुलम जिले में आने और सौदा होने की सूचना मिलने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।’’
कुमार ने बताया कि शनिवार को यातायात जाम में फंसने के बाद आबकारी अधिकारियों ने वायटिला में उनकी गाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान स्टीयरिंग के नीचे बनाए गए गुप्त खाने से 230 ग्राम एमडीएमए और तीन ग्राम हशीश तेल बरामद किया गया।
गाड़ी में सवार दोनों आरोपियों की पहचान पथनमथिट्टा जिले के वरुण देव (35) और विपिन एस. कुमार (30) के रूप में हुई है। दोनों को आबकारी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। कुमार ने कहा, ‘‘इस तरह अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उनके पास से छह मोबाइल फोन और 69,500 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।’’
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक को पहले भी पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ पकड़ा था। कुमार ने कहा, ‘‘गिरोह का तरीका यह था कि आरोपी महिंद्रा थार से दिल्ली जाते थे और महिलाओं को वाहक बनाकर वाहन में छिपाकर मादक पदार्थ केरल लाते थे। इसके बाद यहां इसकी खुदरा बिक्री की जाती थी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले मामले में पकड़ी गई युवती इस साल नवंबर में ही 19 साल की होगी।’’
कुमार ने बताया कि आरोपी अपनी गतिविधियों के लिए युवाओं को निशाना बना रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘वे इस तरह कम उम्र की लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनका इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी और कारोबार के लिए करते हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है।’’
कुमार ने कहा कि स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत दर्ज मामलों में पकड़े जाने वाले ज्यादातर युवाओं को कानूनी परिणामों की जानकारी नहीं होती।

