नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जी स्टाम्प तैयार कर कूटरचित दस्तावेजों से दूसरे किसानों के खेतों का बीमा करवाकर करोड़ों रुपए का क्लेम उठाया जा रहा है। इस कार्य में फर्जीवाड़ा करने वाले को एक बीमा पर स्टाम्प तैयार करने व किसान के हिस्से का प्रीमियम भरने आदि में मात्र 8-10 हजार रुपए का खर्च आता है और क्लेम लाखों रुपए का उठाया जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों की भी मिलीभगत रहती है, जिसकी वजह से जिन किसानों के वास्तव में फसल खराबा होता है, उन्हें मात्र 100-200 रुपए का क्लेम मिलता है, जबकि जिनके पास न तो खेत होते हैं और न ही फसल, उनके लाखों रुपए का क्लेम जारी हो जाता है। फसल बीमा योजना में इस प्रकार का फर्जीवाड़ा करने वाले केवल नागौर जिले में ही नहीं है, बल्कि राजस्थान के कई जिलों में इनका नेटवर्क हैं और बड़े स्तर पर किसानों के हक पर डाका डाला जा रहा है।
पिछले वर्षों में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जिले के पांचौड़ी थाने के साथ श्रीबालाजी व सुरपालिया थानों में भी मामले दर्ज करवाए गए, लेकिन पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की। अब पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया तो फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगी हैं। बड़े स्तर पर हो रहे फर्जीवाड़े को देखते हुए अब एसओजी ने भी एंट्री की है और पिछले तीन दिन से एसओजी के अधिकारी नागौर में डेरा डाले हुए हैं।
इन प्रकरणों से समझिए फर्जीवाड़ा
केस – 1
दूजासर के किसान के खेत पर उठाया 3.57 लाख का क्लेम
पांचौड़ी थाने में दूजासर, माडपुरा निवासी मोहनलाल ने 20 अगस्त को मामला दर्ज कराया, जिसमें उसने बताया कि रायधनू निवासी सियाराम लोयल, बूढ़ी निवासी महावीर जाट, खडक़ाली निवासी सुखवीर, बीमा कंपनी के अक्षय तिवारी और रवि प्रकाश ने मिलीभगत कर उसकी जानकारी के बिना उसके खेत का बीमा करवाकर 3.57 लाख रुपए हड़प लिए।
केस – 2
फर्जी दस्तावेजों से बीमा कर 4.70 लाख रुपए का क्लेम उठाया
पांचौड़ी थाना क्षेत्र के दुजासर निवासी राजेश ने 13 अगस्त 2026 को मामला दर्ज कराया, जिसमें उसने बताया कि रायधनू निवासी सियाराम, खडक़ाली निवासी सुखवीर सहित अन्य ने फर्जी तरीके से फसल बीमा करवाकर करीब 4.70 लाख रुपए का क्लेम उठा लिया, जबकि उसे इसकी जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार राजेश की पत्नी सुमित्रा उर्फ समुडी के नाम दो खेत हैं और आरोपियों ने बीमा क्लेम किसी अन्य महिला के बैंक खाते में जमा कराकर भुगतान उठा लिया।
केस- 3
पांचौड़ी थाने में 30 सितम्बर 2023 को पोटलिया मांजरा निवासी लालसिंह ने रिपोर्ट देकर फसल बीमा में फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कराया। उसने बताया कि ओमप्रकाश पुत्र मंगाराम नाम के युवक ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके खेत का बंटाईदार बनकर खरीफ 2022 में फसल बीमा करवा लिया और बीमा कम्पनी से मिलीभगत कर क्लेम राशि हड़प ली।
ऐसे करते हैं फर्जीवाड़ा
फर्जीवाड़ा करने वाले बदमाश उन किसानों के खेतों का बीमा करवाते हैं, जो गैर ऋणी हैं और फसल बीमा नहीं करवाते। ऐसे किसानों के ऑनलाइन खसरा नम्बर निकालकर स्टाम्प पर बंटाईदार का झूठा शपथ पत्र देकर बीमा करवाते हैं, जिसमें फोन नम्बर, बैंक अकाउंट नम्बर सहित अन्य जानकारी खुद की या अपने रिश्तेदार की भरते हैं, ताकि क्लेम भी उन्हीं के खाते में आए। फिर बीमा कम्पनी व राजस्व विभाग के लोगों से मिलीभगत मोटा क्लेम उठाते हैं। इस फर्जीवाड़े में कुछ बैंककर्मी, सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, ई-मित्र संचालक, राजस्व कर्मचारी और बीमा कम्पनी के सर्वेयर से लेकर कुछ अधिकारी तक शामिल हैं।
पकड़े जाने पर करते हैं समझौता
पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि जब असली किसान को फर्जीवाड़े की जानकारी मिल जाती है तो बदमाश उससे सम्पर्क करके क्लेम की आधी राशि देकर समझौता करने का प्रयास भी करते हैं। प्रलोभन से नहीं माने तो रिश्तेदारों से दबाव डलवाकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करते हैं।
फसल बीमा में फर्जीवाड़े में संलिप्तता मिली तो कार्मिक होंगे बर्खास्त
नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े के मामलों को लेकर कृषि आयुक्तालय के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। गोयल ने विभाग के सभी संयुक्त निदेशकों के नाम निर्देश जारी कर बताया कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में फर्जी फसल बीमा पॉलिसी बनाने की शिकायतें सामने आई हैं। विभाग ने फील्ड कार्मिकों को सतर्क रहकर फर्जीवाड़े की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिए हैं। बीमांकन, पोस्ट हार्वेस्ट हानि सर्वे और फसल कटाई प्रयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं, फर्जीवाड़े में विभागीय कार्मिक की संलिप्तता मिलने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।
फर्जीवाड़ाबड़े स्तर का है, जांच जारी है
फसल बीमा योजना में दूसरों के खेतों का बीमा करवाकर क्लेम उठाने के मामले में चार जनों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह फर्जीवाड़ाबड़े स्तर पर किया जा रहा है और इनका नेटवर्क भी काफी बड़ा है। जांच के बाद ही पूरा खुलासा होगा।
– आशाराम चौधरी, पुलिस अधीक्षक, नागौर

