जेई के बेटे की किडनैपिंग में 6 पर FIR:पहले 10 लाख, नई तहरीर में पिता ने 1.42 लाख रुपये के लेनदेन का बताया विवाद

जेई के बेटे की किडनैपिंग में 6 पर FIR:पहले 10 लाख, नई तहरीर में पिता ने 1.42 लाख रुपये के लेनदेन का बताया विवाद

प्रयागराज के अंदावा में कार शोरूम के बाहर से जेई के बेटे की किडनैपिंग में 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें एक नामजद व 5 अज्ञात हैं। 21 घंटे बाद झूंसी पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की। फिलहाल अफसरों का कहना है कि हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ की जा रही है। एफआईआर पीड़ित युवक शुभम सिंह के पिता शिवम सिंह ने दर्ज कराई है। वह रेलवे में जेई के पद पर तैनात हैं। फिलहाल एफआईआर जिस तहरीर पर दर्ज की गई है, उसमें एक खास बात यह है कि वादी की ओर से बताया गया है कि विवाद 1.42 लाख रुपये के लेनदेन का है। अगवा करने वाले युवकों में से एक शीबू केसरवानी है, उसने कहा था मेरे बकाया रुपये दो। एफआईआर में क्या बताया मैं शिवम सिंह ग्राम चिरका मुन्जाता पोस्ट गांजा एयरपोर्ट प्रयागराज का निवासी हूं। मेरा पुत्र शुभम सिंह 21 अगस्त को समय लगभग रात नौ बजे मारुती कार शोरूम अंदावा झूंसी प्रयागराज में अपने साथी मोहित सिंह के साथ गाड़ी खरीदने गया था। ब्राइट फोर व्हील एजेन्सी सहसों रोड के सामने शीबू केशरवानी उर्फ शिवम केशरवानी निवासी मुंडेरा चूंगी अपने 04-05 साथियों के साथ अपनी पोलो कार से आया। इसके बाद बेटे शुभम को गाड़ी में जबरदस्ती भर लिया। विरोध करने पर असलहे की बट से मारते हुए धमकी दी कि मेरा पहले का 1.42 लाख रुपये बकाया दो नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे। बेटे ने पैसे नहीं होने की बात कही तो उन लोगों ने कहा कि अपने पापा से ऑनलाइन पैसे अभी तुरंत मंगवाओ। इसके बाद वह बेटे को मारते-पीटते दिल्ली ले जाने के लिए चल दिए। झूंसी से फाफामऊ के हाईवे पर रास्ते में शीबू केशरवानी ने एक अन्य वाहन केशरवानी ढाबा काजीपुर संदीपन घाट थाना कौशाम्बी के पास बुलाया। इसके बाद दूसरी गाड़ी बुलवाकर धूमनगंज में देर रात छोड़कर चला गया। पहले 10 लाख की कही थी बात इस मामले में पहले पिता की ओर से कहा गया था कि अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपये मांगे। युवक को कार में ठूंसकर करीब 70 किमी तक घुमाया गया। झूंसी से कौशाम्बी ले गए। रास्ते में असलहे की बट से पीटते रहे। 21 हजार रुपए नकद और सोने की चेन छीन ली। बाद में घेराबंदी की भनक लगने पर दूसरी गाड़ी से धूमनगंज थाने के पास छोड़वा दिया। घटना शुक्रवार की रात करीब 9 बजे की है। रात में ही अपहरण के करीब तीन घंटे के अंदर पुलिस ने कार समेत तीन अपहरणकर्ताओं को कौशांबी के संदीपन घाट के पास से दबोच लिया। उनके पास से दो असलहे बरामद हुए हैं। पुलिस ऑनलाइन गेमिंग में एक लाख रुपये के लेनदेन के विवाद का दावा कर रही है। पहले दो तस्वीरें देखिए… पहले जो तहरीर दी, उसमें ये लिखा शुक्रवार रात करीब 9 बजे मेरा बेटा शुभम अंदावा झूंसी स्थित एक कार शोरूम गया था। वहां मुंडेरा निवासी शीबू केसरवानी अपने चार-पांच साथियों के साथ आसमानी रंग की पोलो कार से पहुंचा। आरोपियों ने शुभम को जबरन कार में खींच लिया। विरोध करने पर असलहे की बट से मारपीट की गई। पिता से 10 लाख रुपए मंगाने का दबाव बनाया किडनेपर से छूटने के बाद शुभम ने उन्हें बताया कि उन लोगों ने कहा अपने पिता को फोन कर 10 लाख रुपए मंगाओ। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। शुभम ने पिता के पास इतने रुपए नहीं होने की बात कही तो आरोपी उसे दिल्ली ले जाने की बात आपस में करने लगे। इसके बाद आरोपी उसे फाफामऊ होते हुए कोखराज हाईवे की ओर ले गए। रास्ते में कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के काजीपुर स्थित एक ढाबे पर रुके। पुलिस की घेराबंदी की भनक लगी तो थाने के पास छोड़ा शुभम ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे आरोपियों ने उसे अपने दूसरे साथियों को बुलाकर दूसरी गाड़ी में धूमनगंज थाने के पास छोड़वा दिया। शिवम के मुताबिक पुलिस को घटना की जानकारी होने की आरोपियों को भनक लग गई थी। उसे जब छोड़ा गया तो उसने किसी तरह पिता को फोन कर बुलाया और पुलिस को संदीपनघाट क्षेत्र के ढाबे पर आरोपियों के होने की जानकारी दी। तमंचा-पिस्टल बरामद हुए इनमें से तीन युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस बाकी दो अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आरोपियों की कार से एक पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया था। ऑनलाइन गेमिंग में सट्टे के लेनदेन का विवाद पुलिस के मुताबिक, शुभम और मुख्य आरोपी एक-दूसरे को जानते हैं। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े करीब एक लाख रुपए के लेनदेन का विवाद सामने आया है। परिवार का आरोप है कि आरोपी आईपीएल के दौरान ऑनलाइन गेमिंग के जरिए सट्टा खिलाते हैं। इसी दौरान शुभम उनके संपर्क में आया था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि लेनदेन के विवाद में ही अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया या इसके पीछे कोई और वजह थी।

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