पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में शनिवार को 32 वर्ष की एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि उसने अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलने में देरी के कारण आत्महत्या की। पुलिस ने बताया कि गाजोल के बछाहर क्षेत्र में सुबह करीब 10 बजे अनीता खातून का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में महिला और उसके पति के बीच योजना का फॉर्म भरने को लेकर विवाद सामने आया है। इसके अलावा घरेलू हिंसा की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
तृणमूल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि कल्याणकारी वादों का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब लोगों को उन चीजों को पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिनका उनसे वादा किया गया था। पार्टी ने दावा किया, भाजपा की बंगाल सरकार पूरे राज्य में महिलाओं की मदद करने में नाकाम रही है। मालदा में, अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलने में देरी के कारण एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
उसके परिवार का कहना है कि प्रखंड कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

