फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार मनीष कुमार गुप्ता से पूछताछ के लिए गोगरी पुलिस को तीन दिनों का रिमांड मिला है। शनिवार को मनीष को गोगरी थाना लाकर पूछताछ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह भी थाना पहुंचे और आरोपी से अलग से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, मनीष से उसकी कथित फर्जी IAS पहचान, अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से संपर्क तथा इस पहचान के इस्तेमाल के उद्देश्य को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में सामने आ रही जानकारियों का मिलान छापेमारी में बरामद सामान और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों से किया जा रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… आर्थिक लेन-देन, डिजिटल गतिविधियों की जांच गोगरी डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मनीष को तीन दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि एसपी भानु प्रताप सिंह ने भी शनिवार को मनीष से पूछताछ की है। हालांकि, पूछताछ में सामने आई जानकारी को लेकर पुलिस ने फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। मोबाइल, लैपटॉप और उपकरणों की जांच मामले में आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की संभावित भूमिका की जांच के लिए EOU और DIU की टीमों को भी पूछताछ में शामिल किया गया है। पुलिस मनीष के बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन, संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरणों से मिलने वाली जानकारी को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। 28 बैंक कार्ड और चार चेकबुक बरामद पुलिस ने 8 अगस्त को मनीष के जमालपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान 28 बैंक कार्ड बरामद किए गए। इनमें 20 प्रीमियम क्रेडिट कार्ड और आठ डेबिट कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक की चार चेकबुक तथा प्रायरिटी पास भी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन बैंक खातों से हुए लेन-देन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन वित्तीय गतिविधियों का मनीष की कथित फर्जी पहचान से कोई संबंध है या नहीं। 12 देशों की 32 तरह की विदेशी शराब मिली छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 देशों की 32 प्रकार की विदेशी शराब बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा दो ऐसे वाहन भी मिले, जिन पर ‘Government of India’ लिखा हुआ था। इन वाहनों पर सरकारी पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है। 8 अगस्त को आवास से हुई थी गिरफ्तारी खगड़िया एसपी के निर्देश पर 8 अगस्त को गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मनीष के जमालपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। कई घंटे चली कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मौके से बैंक कार्ड, चेकबुक, विदेशी शराब, ‘Government of India’ लिखे वाहन समेत अन्य सामान बरामद किए थे। अब तीन दिनों के पुलिस रिमांड को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस मनीष के कथित नेटवर्क, संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और फर्जी IAS पहचान के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार मनीष कुमार गुप्ता से पूछताछ के लिए गोगरी पुलिस को तीन दिनों का रिमांड मिला है। शनिवार को मनीष को गोगरी थाना लाकर पूछताछ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह भी थाना पहुंचे और आरोपी से अलग से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, मनीष से उसकी कथित फर्जी IAS पहचान, अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से संपर्क तथा इस पहचान के इस्तेमाल के उद्देश्य को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में सामने आ रही जानकारियों का मिलान छापेमारी में बरामद सामान और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों से किया जा रहा है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… आर्थिक लेन-देन, डिजिटल गतिविधियों की जांच गोगरी डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मनीष को तीन दिनों के पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि एसपी भानु प्रताप सिंह ने भी शनिवार को मनीष से पूछताछ की है। हालांकि, पूछताछ में सामने आई जानकारी को लेकर पुलिस ने फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। मोबाइल, लैपटॉप और उपकरणों की जांच मामले में आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की संभावित भूमिका की जांच के लिए EOU और DIU की टीमों को भी पूछताछ में शामिल किया गया है। पुलिस मनीष के बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन, संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य उपकरणों से मिलने वाली जानकारी को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। 28 बैंक कार्ड और चार चेकबुक बरामद पुलिस ने 8 अगस्त को मनीष के जमालपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान 28 बैंक कार्ड बरामद किए गए। इनमें 20 प्रीमियम क्रेडिट कार्ड और आठ डेबिट कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक की चार चेकबुक तथा प्रायरिटी पास भी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन बैंक खातों से हुए लेन-देन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन वित्तीय गतिविधियों का मनीष की कथित फर्जी पहचान से कोई संबंध है या नहीं। 12 देशों की 32 तरह की विदेशी शराब मिली छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 देशों की 32 प्रकार की विदेशी शराब बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा दो ऐसे वाहन भी मिले, जिन पर ‘Government of India’ लिखा हुआ था। इन वाहनों पर सरकारी पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, इसकी भी जांच की जा रही है। 8 अगस्त को आवास से हुई थी गिरफ्तारी खगड़िया एसपी के निर्देश पर 8 अगस्त को गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मनीष के जमालपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। कई घंटे चली कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मौके से बैंक कार्ड, चेकबुक, विदेशी शराब, ‘Government of India’ लिखे वाहन समेत अन्य सामान बरामद किए थे। अब तीन दिनों के पुलिस रिमांड को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस मनीष के कथित नेटवर्क, संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और फर्जी IAS पहचान के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

