सरकार ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि चीनी से एथेनॉल बनाने की वजह से बाजार में इसके दाम बढ़े हैं। खाद्य और उपभोक्ता मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कम उत्पादन, त्योहारी सीजन की मांग और जमाखोरी की वजह से कीमतें बढ़ी हैं। चीनी के बढ़ते दाम को रोकने के लिए स्टॉक लिमिट और ड्यूटी फ्री इंपोर्ट जैसे कदम उठाए गए हैं। एथेनॉल के लिए चीनी का इस्तेमाल घटा मंत्रालय ने कहा कि चीनी की बढ़ती कीमतों को एथेनॉल बनाने में इसके इस्तेमाल से जोड़ना पूरी तरह गलत है। पेट्रोल में मिलाने के लिए चीनी से एथेनॉल बनाने का हिस्सा 2022-23 सीजन के 12% से घटकर 2025-26 सीजन में करीब 9% रह गया है। मौजूदा समय में देश के कुल एथेनॉल उत्पादन का लगभग 75% हिस्सा अनाज, खासकर मक्के से आ रहा है। एक महीने में ₹7.52 महंगी, वैश्विक बाजार में भी 16% से ज्यादा बढ़ीं कीमतें सरकार का यह स्पष्टीकरण तब आया है जब देश के रिटेल बाजार में चीनी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। बीते 20 जुलाई को चीनी की कीमत ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो पर पहुंच गई। चीनी की किल्लत का सामना सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरा वैश्विक बाजार कर रहा है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, साल 2026-27 में वैश्विक स्तर पर करीब 3.3 मिलियन टन चीनी की कमी (डेफिसिट) हो सकती है। इस अंतरराष्ट्रीय कमी का असर कीमतों पर भी दिख रहा है। वैश्विक बाजार में चीनी की कीमतें 30 जून के 474 डॉलर प्रति टन से 16% से अधिक बढ़कर 20 अगस्त को 552 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई हैं। 15 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर सरकार ने चीनी व्यापारियों और डीलरों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू कर दी है। नए नियमों के तहत महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का कारोबार करने वाले डीलर 15 दिन से अधिक की खपत का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकते। इसके अलावा तीन और कदम उठाए हैं… त्योहारी सीजन में सप्लाई बढ़ाने के लिए 15 अक्टूबर से शुरू होगी क्रशिंग
आगामी त्योहारी सीजन में चीनी की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से ही गन्ने की क्रशिंग (पेराई) शुरू करने की सलाह दी है। समय पर क्रशिंग शुरू होने से अक्टूबर महीने में चीनी का उत्पादन बढ़कर 1 मिलियन टन से अधिक होने की उम्मीद है। सामान्य तौर पर अक्टूबर के महीने में केवल 3,00,000 से 4,00,000 टन चीनी का ही उत्पादन होता है। इस अतिरिक्त उत्पादन से त्योहारों के दौरान बाजार में चीनी की सप्लाई मजबूत रहेगी और कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।
सरकार बोली- इथेनॉल की वजह से चीनी महंगी नहीं हुई:एक महीने में ₹7.52 दाम बढ़े, देशभर में ₹55.70 प्रति किलो बिक रही

