सीतामढ़ी के मेहसौल क्षेत्र में 2004 से लंबित 100 बेड वाले अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी। सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तावित स्थल की मिट्टी की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद ही निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। अब मेहसौल पूर्वी स्थित नगर निगम के वार्ड संख्या-28 में छात्रावास निर्माण के लिए जमीन का सीमांकन और ले-आउट का कार्य शुरू हो गया है। 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा छात्रावास लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह छात्रावास वर्ष 2004 से लंबित था। विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं के कारण यह योजना इतने वर्षों तक शुरू नहीं हो पाई थी। अब आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगी है। इस छात्रावास के बनने से सीतामढ़ी आकर पढ़ाई करने वाले दूर-दराज के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर आवास का अतिरिक्त बोझ भी कम होगा। संबंधित अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है। प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्षों से लंबित इस परियोजना का शुरू होना जिले में अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और आवासीय सुविधाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीतामढ़ी के मेहसौल क्षेत्र में 2004 से लंबित 100 बेड वाले अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी। सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तावित स्थल की मिट्टी की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद ही निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। अब मेहसौल पूर्वी स्थित नगर निगम के वार्ड संख्या-28 में छात्रावास निर्माण के लिए जमीन का सीमांकन और ले-आउट का कार्य शुरू हो गया है। 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा छात्रावास लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह छात्रावास वर्ष 2004 से लंबित था। विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं के कारण यह योजना इतने वर्षों तक शुरू नहीं हो पाई थी। अब आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगी है। इस छात्रावास के बनने से सीतामढ़ी आकर पढ़ाई करने वाले दूर-दराज के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर आवास का अतिरिक्त बोझ भी कम होगा। संबंधित अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है। प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्षों से लंबित इस परियोजना का शुरू होना जिले में अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और आवासीय सुविधाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

