जौनपुर में रहमानिया सीरत कमेटी के अध्यक्ष सफीक रजा जौनपुरी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को विभिन्न मांगों से संबंधित एक पत्र सौंपा। यह पत्र आगामी बारावफात जुलूस के आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर था। अध्यक्ष सफीक रजा ने बताया कि शहर में 10 सितंबर को बारावफात का जुलूस निकाला जाएगा। यह आयोजन 11 सितंबर तक चलेगा, जिसमें जश्ने ईद मिलादुन्नबी (स.अ.व.) मनाया जाएगा। जुलूस 10 सितंबर की शाम 5 बजे शाही बड़ी मस्जिद से शुरू होगा। यह मल्हनी पड़ाव से होते हुए रौजा कदम रसूल पहुंचेगा, जहां यह एक जलसे का रूप ले लेगा। इस आयोजन में शहर की अंजुमनें और फनसिपहगिरी के अखाड़े शामिल होंगे। अखाड़े अपने फन का प्रदर्शन जुलूस के पारंपरिक मार्गों पर विभिन्न समाजसेवी संगठनों द्वारा स्टॉल और स्टेज लगाए जाएंगे। इन स्थानों पर अंजुमनें नातिया कलाम पेश करेंगी और अखाड़े अपने फन का प्रदर्शन करेंगे। इन मार्गों को सजावट कमेटियों द्वारा सजाया जाएगा। आयोजन के दूसरे दिन, 11 सितंबर की शाम से रात्रि तक, अंजुमनें जलसे में अपना नातिया कलाम पेश करेंगी। इसके बाद कार्यक्रम का समापन हो जाएगा। कमेटी ने आयोजन के लिए कई व्यवस्थाओं की मांग की है। इनमें शाही बड़ी मस्जिद से जुलूस के पारंपरिक मार्ग को गड्ढा मुक्त करना, मार्गों पर साफ-सफाई और चूना छिड़काव कराना प्रमुख हैं। संबंधित विभागों से आवारा पशुओं और सूअरों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। जनरेटर डीजल सहित उपलब्ध विद्युत आपूर्ति के संबंध में 10 और 11 सितंबर को पूर्व की भांति 7.5 केवी के पांच जनरेटर डीजल सहित उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। साथ ही, विद्युत आपूर्ति बाधित न होने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। बड़ी मस्जिद और पुरानी बाजार चौकी के पास दो मोबाइल शौचालय की व्यवस्था भी मांगी गई है। मेडिकल कैंप की तैनाती की मांग सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं मांगी गई हैं। 10 सितंबर को शाम 4 बजे से जुलूस और जलसे के मार्गों पर वाहन और ई-रिक्शा के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, 10 और 11 सितंबर को अग्निशमन इकाई (वाहन सहित), एम्बुलेंस और मेडिकल कैंप की तैनाती की भी मांग की गई है।

