कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को महिलाओं से इस बारे में विचार साझा करने का आह्वान किया कि उनके लिए एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है। राहुल ने कहा कि भारतीय महिलाओं के सामने मौजूद परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए इस तरह की चर्चा जरूरी है। कांग्रेस नेता पुणे में अपना कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ आयोजित करने जा रहे हैं, जिसमें केवल महिला श्रोता होंगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि पुणे में केवल महिलाओं के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उस कार्यक्रम की प्रस्तुति तैयार करते समय, मैंने अपनी टीम की महिलाओं से 20-30 मिनट का समय निकालकर इस पर अपने विचार साझा करने को कहा कि एक भारतीय महिला होने के नाते वे क्या महसूस करती हैं। उन्होंने इस बात पर विचार साझा किए कि वे भारतीय महिला होने के बारे में क्या महसूस करती हैं, समाज उनके साथ कैसा व्यवहार करता है, अच्छी चीजें क्या हैं और बुरी बातें क्या हैं।
राहुल ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि यह एक अच्छा अभ्यास था, जिसने मुझे आपकी भावनाओं को समझने में मदद की। हमारी टीम ने तय किया कि क्यों न इसे सभी के लिए खोला जाए और उन महिलाओं से पूछा जाए, जो इस कार्यक्रम में आ रही हैं या इसे देखने जा रही हैं, कि वे एक भारतीय महिला होने के बारे में क्या महसूस करती हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस बात पर भी चर्चा होनी चाहिए कि समाज महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करता है, उनके खिलाफ डर का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है, वे किस तरह की हिंसा का सामना करती हैं और किन परिस्थितियों में करती हैं। उन्होंने कहा कि देश की नागरिक के रूप में इन अनुभवों का महिलाओं पर क्या असर पड़ता है, इस पर भी बात होनी चाहिए।
उन्होंने कुछ महिलाओं की प्रतिक्रियाएं भी पढ़कर सुनाईं। वीडियो के साथ ‘एक्स’ पर पोस्ट में राहुल ने पूछा कि भारतीय महिला होने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानना चाहता हूं कि आप क्या महसूस करती हैं।
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