Hockey World Cup: भारत ने इंग्लैंड को ड्रॉ पर रोका, कोच मारिन ने गोलकीपरों को सराहा

Hockey World Cup: भारत ने इंग्लैंड को ड्रॉ पर रोका, कोच मारिन ने गोलकीपरों को सराहा

(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 20 अगस्त भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप के पूल डी के अंतिम मैच में इंग्लैंड को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई जिसके बाद कोच शोर्ड मारिन ने अपनी गोलकीपरों के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की। भारत ने पहले हाफ में दबदबा बनाते हुए कई मौके बनाए और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन ब्रेक के बाद टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाते हुए 12 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन सविता पूनिया और बिछू देवी ने मजबूती से डटकर गोल नहीं होने दिया।मारिन ने मैच के बाद राहत भरे अंदाज में कहा, ‘‘नतीजे से बहुत खुश हूं। पहले हाफ में हमारा मैच पर पूरा नियंत्रण था। हमने मौके बनाए, पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और बहुत अच्छी तरह बचाव किया, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में हम इसे बरकरार नहीं रख सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक प्रक्रिया है और हम चारों क्वार्टर में लय बनाए रखने पर काम कर रहे हैं।इंग्लैंड को भी श्रेय जाता है, जिसने बहुत अच्छा खेल दिखाया।’’
मारिन ने इंग्लैंड को रोकने के लिए अपने दोनों गोलकीपरों को श्रेय दिया और इन अनुभवी खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमने कई पेनल्टी कॉर्नर दिए लेकिन गोलकीपरों को श्रेय जाता है जिन्होंने शानदार बचाव किया। शीर्ष स्तर के खेल में यह इसका उदाहरण है कि दो खिलाड़ी एक-दूसरे के खेल को बेहतर बना सकते हैं।मैं उनसे और जिस तरह वे एक-दूसरे का समर्थन करती हैं, उससे बहुत खुश हूं।’’
सविता ने इस मुकाबले को ‘नॉकआउट मैच’ बताते हुए कहा कि भारत का रक्षात्मक प्रदर्शन अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था। इस विश्व कप में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली सबसे अनुभवी महिला खिलाड़ी सविता ने कहा, ‘‘हमें पहले से पता था कि यह कठिन मुकाबला होगा। हमने पहले हाफ में दबदबा बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए।हमें आक्रामक हॉकी जारी रखनी होगी और इन मौकों को गोल में बदलना होगा। हमारे लिए यह नॉकआउट मैच जैसा था और दबाव था, लेकिन एक टीम के रूप में हमने अच्छा खेला।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारा डिफेंस अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था।’’
सविता ने बिछू की विशेष रूप से तारीफ की जिन्होंने इंग्लैंड द्वारा विजयी गोल की तलाश में अपना गोलकीपर हटाने के बाद अंतिम 30 सेकेंड में महत्वपूर्ण बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘‘आखिरी 30 सेकेंड में बिछू का बचाव मेरे देखे सर्वश्रेष्ठ बचावों में से एक था।मैंने उसे कई बार गले लगाया है। हम एक-दूसरे की ताकत हैं।’’
बिछू ने कहा कि इंग्लैंड के गोलकीपर को हटाने के बाद वह उसके आखिरी हमले के लिए तैयार थीं। उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटा दिया तो मुझे लगा कि वे पूरी तरह से दबाव बनाएंगे।मैं इसके लिए तैयार थी और सिर्फ गेंद पर नजर रख रही थी। मैं डिफेंस के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।’’
विश्व कप में 11 खिलाड़ियों के पदार्पण वाली भारतीय टीम अब शुक्रवार को दूसरे दौर में मेजबान नीदरलैंड का सामना करेगी। मारिन ने माना कि लगातार मैच खेलना आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन टीम को परिस्थितियों के अनुसार ढलना होगा।उन्होंने कहा, ‘‘अगर दूसरे दौर से पहले हमें थोड़ा आराम मिलता तो बेहतर होता, लेकिन स्थिति ऐसी ही है और हम इसे बदल नहीं सकते।’’
कोच ने पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ नवनीत कौर और दीपिका के प्रदर्शन में सुधार का भरोसा भी जताया। खुद डच होने के कारण मारिन जानते हैं कि खचाखच भरे स्टेडियम में मेजबान टीम के खिलाफ मुकाबला पूरी तरह अलग चुनौती होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कल हम खचाखच भरे स्टेडियम में नीदरलैंड के खिलाफ खेलेंगे और यह पूरी तरह अलग अनुभव होगा।मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह जानता हूं और वे बहुत, बहुत अच्छी टीम हैं। हमारे लिए इस मुकाबले से मिलने वाली सीख काफी महत्वपूर्ण होगी।’’
सविता ने कहा कि एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर उनकी भूमिका युवा खिलाड़ियों को विश्व कप के दबाव से निपटने में मदद करना भी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे कहती रहती हूं कि आपसे गलतियां होंगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अच्छी तरह वापसी करें।एक मेंटर और वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करती हूं। मैं उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। 

(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 20 अगस्त भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप के पूल डी के अंतिम मैच में इंग्लैंड को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई जिसके बाद कोच शोर्ड मारिन ने अपनी गोलकीपरों के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की। भारत ने पहले हाफ में दबदबा बनाते हुए कई मौके बनाए और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन ब्रेक के बाद टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाते हुए 12 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन सविता पूनिया और बिछू देवी ने मजबूती से डटकर गोल नहीं होने दिया।

मारिन ने मैच के बाद राहत भरे अंदाज में कहा, ‘‘नतीजे से बहुत खुश हूं। पहले हाफ में हमारा मैच पर पूरा नियंत्रण था। हमने मौके बनाए, पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और बहुत अच्छी तरह बचाव किया, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में हम इसे बरकरार नहीं रख सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक प्रक्रिया है और हम चारों क्वार्टर में लय बनाए रखने पर काम कर रहे हैं।

इंग्लैंड को भी श्रेय जाता है, जिसने बहुत अच्छा खेल दिखाया।’’
मारिन ने इंग्लैंड को रोकने के लिए अपने दोनों गोलकीपरों को श्रेय दिया और इन अनुभवी खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमने कई पेनल्टी कॉर्नर दिए लेकिन गोलकीपरों को श्रेय जाता है जिन्होंने शानदार बचाव किया। शीर्ष स्तर के खेल में यह इसका उदाहरण है कि दो खिलाड़ी एक-दूसरे के खेल को बेहतर बना सकते हैं।

मैं उनसे और जिस तरह वे एक-दूसरे का समर्थन करती हैं, उससे बहुत खुश हूं।’’
सविता ने इस मुकाबले को ‘नॉकआउट मैच’ बताते हुए कहा कि भारत का रक्षात्मक प्रदर्शन अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था। इस विश्व कप में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली सबसे अनुभवी महिला खिलाड़ी सविता ने कहा, ‘‘हमें पहले से पता था कि यह कठिन मुकाबला होगा। हमने पहले हाफ में दबदबा बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए।

हमें आक्रामक हॉकी जारी रखनी होगी और इन मौकों को गोल में बदलना होगा। हमारे लिए यह नॉकआउट मैच जैसा था और दबाव था, लेकिन एक टीम के रूप में हमने अच्छा खेला।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारा डिफेंस अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था।’’
सविता ने बिछू की विशेष रूप से तारीफ की जिन्होंने इंग्लैंड द्वारा विजयी गोल की तलाश में अपना गोलकीपर हटाने के बाद अंतिम 30 सेकेंड में महत्वपूर्ण बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘‘आखिरी 30 सेकेंड में बिछू का बचाव मेरे देखे सर्वश्रेष्ठ बचावों में से एक था।

मैंने उसे कई बार गले लगाया है। हम एक-दूसरे की ताकत हैं।’’
बिछू ने कहा कि इंग्लैंड के गोलकीपर को हटाने के बाद वह उसके आखिरी हमले के लिए तैयार थीं। उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटा दिया तो मुझे लगा कि वे पूरी तरह से दबाव बनाएंगे।

मैं इसके लिए तैयार थी और सिर्फ गेंद पर नजर रख रही थी। मैं डिफेंस के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।’’
विश्व कप में 11 खिलाड़ियों के पदार्पण वाली भारतीय टीम अब शुक्रवार को दूसरे दौर में मेजबान नीदरलैंड का सामना करेगी। मारिन ने माना कि लगातार मैच खेलना आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन टीम को परिस्थितियों के अनुसार ढलना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर दूसरे दौर से पहले हमें थोड़ा आराम मिलता तो बेहतर होता, लेकिन स्थिति ऐसी ही है और हम इसे बदल नहीं सकते।’’
कोच ने पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ नवनीत कौर और दीपिका के प्रदर्शन में सुधार का भरोसा भी जताया। खुद डच होने के कारण मारिन जानते हैं कि खचाखच भरे स्टेडियम में मेजबान टीम के खिलाफ मुकाबला पूरी तरह अलग चुनौती होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कल हम खचाखच भरे स्टेडियम में नीदरलैंड के खिलाफ खेलेंगे और यह पूरी तरह अलग अनुभव होगा।

मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह जानता हूं और वे बहुत, बहुत अच्छी टीम हैं। हमारे लिए इस मुकाबले से मिलने वाली सीख काफी महत्वपूर्ण होगी।’’
सविता ने कहा कि एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर उनकी भूमिका युवा खिलाड़ियों को विश्व कप के दबाव से निपटने में मदद करना भी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे कहती रहती हूं कि आपसे गलतियां होंगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अच्छी तरह वापसी करें।

एक मेंटर और वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करती हूं। मैं उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।

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