Sajjan Kumar, 1984 दंगों में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद का Delhi के सफदरजंग अस्पताल में निधन

Sajjan Kumar, 1984 दंगों में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद का Delhi के सफदरजंग अस्पताल में निधन

कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे और लोकसभा में तीन बार दिल्ली की जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों में अपनी भूमिका के लिए चार दशक से अधिक समय तक विवादों में रहे। सज्जन कुमार का बृहस्पतिवार को यहां सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। वह 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

अस्पताल के अनुसार, 81 वर्षीय कुमार को पुलिस पूर्वाह्न करीब 11 बजे जब अस्पताल लेकर पहुंची तो वह पूरी तरह होश में नहीं थे। यह भी संयोग है कि सज्जन कुमार का निधन राजीव गांधी की पुण्यतिथि वाले दिन हुआ। कुमार की पत्नी ने चिकित्सा आधार पर उनसे मुलाकात के लिए उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई थी।

सज्जन के वकीलों ने 2018 में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें सुनाई गई सजा के खिलाफ और पैरोल के लिए शीर्ष अदालत में आवेदन दाखिल किया था जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी। कुमार ने दिल्ली के नांगलोई से निगम पार्षद के रूप में राजनीति में प्रवेश किया था और बाद में 1977 में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बने। वह 1980, 1991 और 2004 में लोकसभा सदस्य चुने गए।

बाहरी दिल्ली के प्रभावशाली जाट नेता का अपने क्षेत्र में लोगों से अच्छा संपर्क रहता था। दशकों तक कांग्रेस की दिल्ली इकाई में अच्छा प्रभाव रखने वाले कुमार को 2018 में उच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये जाने के बाद राजनीतिक करियर में झटके का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने भी इसके बाद उनसे दूरी बना ली।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दंगों के दौरान पालम कॉलोनी के पास राजनगर में पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाए जाने से जुड़े मामले में कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने दंगों के दौरान दो सिखों की हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में भी पू्र्व सांसद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दिसंबर 2018 में दोषी ठहराए जाने के बाद कुमार ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

पहली बार 2009 में ऐसा हुआ जब उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का टिकट नहीं दिया गया और उनकी जगह उनके भाई रमेश कुमार को उतारा गया। रमेश कुमार 2009 का चुनाव दक्षिणी दिल्ली लोकसभा से जीत गए लेकिन 2014 में वह हार गए और कुमार के परिवार का राजनीति से नाता टूट सा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *