रतलाम. दो बत्ती चौपाटी से स्ट्रीट वेंडरों (छोटे ठेला व्यवसायियों) को बेदखल करने और नगर निगम ने बिना किसी नोटिस की गई तोडफ़ोड़ की कार्रवाई के मामले में व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। निगम प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी लड़ाईलड़ रहे ठेला व्यापारी संघ को न्यायालय से स्टे मिल गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 अगस्त तय की गई है। स्टे मिलने के बाद ठेला व्यवसायियों ने इसे संघर्ष की जीत बताया।
राजकुमार ने लगाई थी याचिका
फूड ठेला व्यापारी एसोसिएशन की तरफ से राजकुमार ने यह याचिका उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ में नगर निगम के खिलाफ लगाई थी। याचिका पर सुनवाई के बाद 19 अगस्त को न्यायाधीश सुबोध अभ्यंकर और आलोक अवस्थी ने निगम की कार्रवाई को अगली सुनवाी 27 अगस्त तक के लिए रोक दिया है। इसमे स्पष्ट किया कि नगर निगम अगली सुनवाई तक फूड ठेला व्यवसायियों के खिलाफ किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
उपायुक्त को सौंपी गई स्टे की कॉपी
न्यायालय से स्टे का आदेश जारी होने के बाद गुरुवार को ठेला व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की संयुक्त टीम नगर निगम पहुंची और उपायुक्त से मुलाकात कर कोर्ट से जारी स्टे आदेश की कॉपी औपचारिक रूप से उन्हें सौंपी। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, कमरुद्दीन कछवाय, हिम्मत जैथवार सहित फूड ठेला व्यवसायी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
यह है पूरा मामला
नगर निगम अमले ने मंगलवार को दो बत्ती चौपाटी पहुंचकर वहां बने बुनियादी ढांचे व फ्लोर को खोद दिया था। प्रशासन का तर्क था कि क्षेत्र में पार्किंग की समस्या और शिकायतें आ रही थीं, जिसके चलते वहां नया पार्क बनाने की योजना है। इसके विरोध में वेंडरों ने जेसीबी के आगे आकर उग्र प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए थे। कांग्रेस पार्टी ने वेंडरों की बेदखली के खिलाफ बुधवार को नगर निगम के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था। हालांकि दो बत्ती चौपाटी के ठेला व्यवसायियों के दो गुट हो गए हैं। एक गुट ने यह स्टे लिया है। दूसरा गुट महापौर से चर्चा के बाद स्थान देने के आश्वासन के बाद मान गया था।
जमकर हुआ था हंगामा
नगर निगम के अफसरों की टीम दो दिन पहले ही दो बत्ती चौपाटी स्थित गुमटीधारियों को हटाने के लिए जेसीबी सहित तमाम तामझाम के साथ पहुंची थी। जैसे ही टीम ने यहां जेसीबी से काम शुरू किया तो गुमटीधारी दुकानदार विरोध में खड़े हो गए। पुरुष और महिलाएं जेसीबी के पंजे के सामने आकर खड़े हो गए और काम बंद करवा दिया। अफसर उन्हें बार-बार समझाते रहे किंतु वे मानने को तैयार नहीं हुए। इसी बीच कांग्रेस नेता भी दुकानदारों के समर्थन में मौके पर जा धमके और निगम की कार्रवाई का विरोध जताने लगे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद निगम का अमला बिना काम किए ही लौट गया था। अगले दिन निगम परिसर में कांग्रेस ने आंदोलन करके दुकाने हटाने की निगम की कार्रवाई का विरोध किया। यहां दुकानदारों ने कांग्रेस से दूरी बना ली और फिर स्वयं ही महापौर प्रहलाद पटेल से जाकर मिले। उनके आश्वासन के बाद सारे दुकानदार जयकारे लगाते हुए निगम से निकले।

