अररिया बस स्टैंड का टैक्स दोगुना:50 से बढ़ाकर 100 रुपए करने पर किरानी संघ का प्रदर्शन; बोले- सुविधाएं नहीं तो टैक्स क्यों बढ़ाया

अररिया बस स्टैंड का टैक्स दोगुना:50 से बढ़ाकर 100 रुपए करने पर किरानी संघ का प्रदर्शन; बोले- सुविधाएं नहीं तो टैक्स क्यों बढ़ाया

अररिया बस स्टैंड में नगर परिषद द्वारा बसों से वसूले जाने वाले टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर स्टैंड किरानी संघ में आक्रोश है। गुरुवार को संघ के सदस्यों ने बढ़ी हुई टैक्स दर के विरोध में प्रदर्शन किया। किरानियों ने टैक्स दोगुना किए जाने के साथ बस स्टैंड में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। किरानी संघ के सदस्यों के अनुसार, पहले बसों से 50 रुपये टैक्स लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि 100 प्रतिशत टैक्स बढ़ोतरी के बावजूद बस स्टैंड में यात्रियों और बस कर्मियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। शौचालयों की स्थिति खराब है और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। ‘जमीन NH की है तो टैक्स क्यों बढ़ाया?’ प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जिस जमीन पर बस स्टैंड संचालित हो रहा है, वह नगर परिषद की नहीं बल्कि नेशनल हाईवे (NH) की है। किरानियों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर बस स्टैंड हटाने की बात करता है। ऐसे में जब स्टैंड में पर्याप्त सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं तो टैक्स में इतनी बढ़ोतरी क्यों की गई। बढ़े टैक्स से स्टैंड के बाहर से निकल रहीं बसें किरानियों के मुताबिक, बढ़े हुए टैक्स के कारण कई बसें स्टैंड के अंदर आने के बजाय बाहर से ही निकल जाती हैं। इससे स्टैंड में काम करने वाले किरानियों के साथ-साथ चालकों और अन्य कर्मियों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। टैक्स पर पुनर्विचार और सुविधाएं देने की मांग विरोध प्रदर्शन में रंजन यादव, वीरेंद्र यादव, हबरू पासवान समेत कई स्टैंड किरानी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद से बढ़े हुए टैक्स पर पुनर्विचार करने और बस स्टैंड में यात्रियों व बस कर्मियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। नगर परिषद बोली- डाक प्रक्रिया के समय करना चाहिए था विरोध नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रराज प्रकाश ने बताया कि टैक्स वसूली का काम डाक यानी नीलामी के माध्यम से सौंपा जाता है। इसके लिए विज्ञापन भी निकाला गया था। उन्होंने कहा कि यदि किसी को टैक्स को लेकर आपत्ति थी तो डाक की प्रक्रिया के समय ही इसका विरोध किया जाना चाहिए था। अररिया बस स्टैंड में नगर परिषद द्वारा बसों से वसूले जाने वाले टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर स्टैंड किरानी संघ में आक्रोश है। गुरुवार को संघ के सदस्यों ने बढ़ी हुई टैक्स दर के विरोध में प्रदर्शन किया। किरानियों ने टैक्स दोगुना किए जाने के साथ बस स्टैंड में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। किरानी संघ के सदस्यों के अनुसार, पहले बसों से 50 रुपये टैक्स लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि 100 प्रतिशत टैक्स बढ़ोतरी के बावजूद बस स्टैंड में यात्रियों और बस कर्मियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। शौचालयों की स्थिति खराब है और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। ‘जमीन NH की है तो टैक्स क्यों बढ़ाया?’ प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जिस जमीन पर बस स्टैंड संचालित हो रहा है, वह नगर परिषद की नहीं बल्कि नेशनल हाईवे (NH) की है। किरानियों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर बस स्टैंड हटाने की बात करता है। ऐसे में जब स्टैंड में पर्याप्त सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं तो टैक्स में इतनी बढ़ोतरी क्यों की गई। बढ़े टैक्स से स्टैंड के बाहर से निकल रहीं बसें किरानियों के मुताबिक, बढ़े हुए टैक्स के कारण कई बसें स्टैंड के अंदर आने के बजाय बाहर से ही निकल जाती हैं। इससे स्टैंड में काम करने वाले किरानियों के साथ-साथ चालकों और अन्य कर्मियों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। टैक्स पर पुनर्विचार और सुविधाएं देने की मांग विरोध प्रदर्शन में रंजन यादव, वीरेंद्र यादव, हबरू पासवान समेत कई स्टैंड किरानी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद से बढ़े हुए टैक्स पर पुनर्विचार करने और बस स्टैंड में यात्रियों व बस कर्मियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। नगर परिषद बोली- डाक प्रक्रिया के समय करना चाहिए था विरोध नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रराज प्रकाश ने बताया कि टैक्स वसूली का काम डाक यानी नीलामी के माध्यम से सौंपा जाता है। इसके लिए विज्ञापन भी निकाला गया था। उन्होंने कहा कि यदि किसी को टैक्स को लेकर आपत्ति थी तो डाक की प्रक्रिया के समय ही इसका विरोध किया जाना चाहिए था।  

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