दरभंगा में TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित लहेरियासराय धरनास्थल पर अभ्यर्थियों ने धरना दिया। अभ्यर्थियों ने TRE-4 के लिए जारी अधिसूचना को रद्द कर TRE-1, TRE-2 और TRE-3 की तर्ज पर एकल परीक्षा प्रणाली के तहत शिक्षक बहाली प्रक्रिया आयोजित करने की मांग की। छात्र नेता दीपक झा ने कहा कि सरकार वर्षों से शिक्षक बहाली की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव कर रही है। जिस शिक्षक बहाली की प्रक्रिया 2024 में पूरी हो जानी चाहिए थी, वह अब तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दबाव में जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, वह अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पीटी, मेंस और नेगेटिव मार्किंग जैसी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। सरकार को तत्काल इस अधिसूचना को वापस लेकर एकल परीक्षा प्रणाली के तहत नई अधिसूचना जारी करनी चाहिए और शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करना चाहिए। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी प्रियंका झा ने की, जबकि संचालन छात्र नेता विभूति झा अमन ने किया। धरना समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा मंत्री को सौंपा। दरभंगा से पटना तक आंदोलन की चेतावनी TRE-4 अभ्यर्थी एमपी यादव ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री और BPSC के फैसलों के खिलाफ अभ्यर्थियों का संघर्ष जारी रहेगा। गुरुवार का धरना सांकेतिक है। मांगें पूरी नहीं होने पर अभ्यर्थी लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
धरना की अध्यक्षता कर रहीं समाजसेवी प्रियंका झा ने बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से घोषित 46,400 रिक्तियों के अनुरूप शिक्षक बहाली की जानी चाहिए। उन्होंने अंतिम परिणाम जारी करने से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का अनिवार्य सत्यापन कराने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो दरभंगा से लेकर पटना तक आंदोलन किया जाएगा। ‘शिक्षक बनने के लए प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है’
छात्र नेता विभूति झा अमन ने BPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग हर 6 महीने में अलग-अलग नियम लागू कर अभ्यर्थियों को परेशान कर रहा है। शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को बीएड, सीटेट, एसटेट और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद अचानक बिना स्पष्ट सिलेबस के पीटी, मेंस और नेगेटिव मार्किंग वाली परीक्षा की व्यवस्था करना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने तत्काल नई अधिसूचना जारी कर शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
धरने में इनकी रही मौजूदगी धरना में छात्र नेता कुणाल पांडे, शरद सिंह, गिरीश झा, विकास मिश्रा, अनिल कुमार झा, स्वाति देव, अभिषेक कुमार, दशरथ यादव, सचिन कुमार पटेल, अंकित कुमार झा, मोहम्मद अकरम, आफताब आलम, विक्की कुमार, गोलू सिंह, दयानंद कुमार, रंजू कुमारी, मधुमाला कुमारी, पूनम कुमारी, किरण कुमारी, रजनी कुमारी, आशा कुमारी, मुकुंद यादव, आशुतोष कुमार, गोविंद कुमार, तुलकांत बिहारी देव, गौरव यादव, शिवेंद्र कुमार समेत सैकड़ों TRE-4 अभ्यर्थी और युवा छात्र नेता मौजूद रहे। दरभंगा में TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित लहेरियासराय धरनास्थल पर अभ्यर्थियों ने धरना दिया। अभ्यर्थियों ने TRE-4 के लिए जारी अधिसूचना को रद्द कर TRE-1, TRE-2 और TRE-3 की तर्ज पर एकल परीक्षा प्रणाली के तहत शिक्षक बहाली प्रक्रिया आयोजित करने की मांग की। छात्र नेता दीपक झा ने कहा कि सरकार वर्षों से शिक्षक बहाली की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव कर रही है। जिस शिक्षक बहाली की प्रक्रिया 2024 में पूरी हो जानी चाहिए थी, वह अब तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दबाव में जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, वह अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पीटी, मेंस और नेगेटिव मार्किंग जैसी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। सरकार को तत्काल इस अधिसूचना को वापस लेकर एकल परीक्षा प्रणाली के तहत नई अधिसूचना जारी करनी चाहिए और शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करना चाहिए। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी प्रियंका झा ने की, जबकि संचालन छात्र नेता विभूति झा अमन ने किया। धरना समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा मंत्री को सौंपा। दरभंगा से पटना तक आंदोलन की चेतावनी TRE-4 अभ्यर्थी एमपी यादव ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री और BPSC के फैसलों के खिलाफ अभ्यर्थियों का संघर्ष जारी रहेगा। गुरुवार का धरना सांकेतिक है। मांगें पूरी नहीं होने पर अभ्यर्थी लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
धरना की अध्यक्षता कर रहीं समाजसेवी प्रियंका झा ने बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से घोषित 46,400 रिक्तियों के अनुरूप शिक्षक बहाली की जानी चाहिए। उन्होंने अंतिम परिणाम जारी करने से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का अनिवार्य सत्यापन कराने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो दरभंगा से लेकर पटना तक आंदोलन किया जाएगा। ‘शिक्षक बनने के लए प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है’
छात्र नेता विभूति झा अमन ने BPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग हर 6 महीने में अलग-अलग नियम लागू कर अभ्यर्थियों को परेशान कर रहा है। शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को बीएड, सीटेट, एसटेट और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद अचानक बिना स्पष्ट सिलेबस के पीटी, मेंस और नेगेटिव मार्किंग वाली परीक्षा की व्यवस्था करना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उन्होंने तत्काल नई अधिसूचना जारी कर शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
धरने में इनकी रही मौजूदगी धरना में छात्र नेता कुणाल पांडे, शरद सिंह, गिरीश झा, विकास मिश्रा, अनिल कुमार झा, स्वाति देव, अभिषेक कुमार, दशरथ यादव, सचिन कुमार पटेल, अंकित कुमार झा, मोहम्मद अकरम, आफताब आलम, विक्की कुमार, गोलू सिंह, दयानंद कुमार, रंजू कुमारी, मधुमाला कुमारी, पूनम कुमारी, किरण कुमारी, रजनी कुमारी, आशा कुमारी, मुकुंद यादव, आशुतोष कुमार, गोविंद कुमार, तुलकांत बिहारी देव, गौरव यादव, शिवेंद्र कुमार समेत सैकड़ों TRE-4 अभ्यर्थी और युवा छात्र नेता मौजूद रहे।

