मानसून के मौसम में दूषित खान-पान से फैलने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले भर में चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। विभाग द्वारा रेहड़ी-फड़ी वालों और खाद्य विक्रेताओं के खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि आम जनता को शुद्ध और स्वच्छ भोजन मिल सके। जारी अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुनीत जम्वाल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेहा शर्मा ने सुजानपुर और सरना इलाकों में खाने-पीने की रेहड़ियों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान 6 दुकानदारों, रेहड़ी चालकों को नोटिस जारी किए गए और 4 जगह से दूध, खोया और मिठाईयों के सैंपल भरे गए। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडरों और खाद्य विक्रेताओं को दस्ताने और एप्रन बांटे गए। विक्रेताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और भोजन को सुरक्षित तरीके से परोसने के प्रति जागरूक किया गया। डल्हौजी रोड, जुगियाल और पंगोली चौक पर चेकिंग खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने डल्हौजी रोड, जुगियाल और पंगोली चौक पर स्थित खाद्य दुकानों व रेहड़ियों की भी गहन जांच की। इस दौरान विक्रेताओं को ‘गुड हाइजीनिक प्रैक्टिस’ अपनाने और विभाग द्वारा निर्धारित स्वच्छता दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई। निरीक्षण अभियान के दौरान “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” मोबाइल लैब का उपयोग कर खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच की गई। इससे खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का तुरंत आकलन किया गया। खरड़ लैब में भेजे सैंपल, रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुनीत जम्वाल ने बताया कि जांच के दौरान 6 दुकानदारों, रेहड़ी चालकों को नोटिस जारी किए गए और 4 जगह से दूध, खोया और मिठाईयों के सैंपल भरे गए हैं। जिन्हें जांच के लिए खरड़ लैब में भेजा गया है। अगर रिपोर्ट में कुछ गलत पाया गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान, खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए कि भोजन बनाने के लिए केवल अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का प्रयोग करें, खाना बनाने और पीने के लिए शुद्ध व सुरक्षित पानी का ही उपयोग किया जाए, अपने आसपास के परिसर, बर्तन और उपकरण पूरी तरह साफ-सुथरे रखें और मानसून के दौरान विशेष रूप से स्वच्छता का ध्यान रखें। इसी तरह जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में खाद्य विक्रेताओं की नियमित चेकिंग और सैंपलिंग लगातार जारी रहेगी। विभाग ने चेतावनी दी कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा प्राथमिकता है।

