पूर्णिया जिले के कस्बा प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय जनकबाग कुल्लाखास से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में महिला टीचर के तबादले की खबर सुनकर बच्चे फूट-फूट कर रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मासूम बच्चे शिक्षिका से बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि वे स्कूल छोड़कर न जाएं। वे कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘मैडम प्लीज छोड़कर मत जाइए।’ ट्रांसफर की खबर सुनते ही फूट फूट कर रोए बच्चे विद्यालय की एक शिक्षिका पूजा बोस के ट्रांसफर (सरप्लस सूची में नाम आने) की सूचना जैसे ही बच्चों तक पहुंची, बच्चे फूट- फूटकर रोने लगे। बच्चों के आंख के आंसुओं ने शिक्षिका को भी भावुक कर दिया। वे भारी मन से बच्चों को गले लगाती हैं और उन्हें चुप कराने का प्रयास करती हैं। मौके पर मौजूद स्टाफ भी भावुक हो गए। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो स्वतंत्रता दिवस के दिन का है जो अब जाकर वायरल हो रहा है। यह बच्चों का प्यार है, वे जीवन में खूब तरक्की करें: पूजा बोस इस भावुक क्षण पर शिक्षिका पूजा बोस ने कहा कि यह बच्चों का निश्छल और सच्चा प्यार है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक शिक्षक के लिए इससे बड़ी पूंजी और क्या हो सकती है कि उसके छात्र उससे इतना गहरा लगाव रखें। तबादला प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन मेरी दिली शुभकामनाएं हैं कि ये सभी बच्चे खूब पढ़ें-लिखें और जीवन में आगे बढ़कर तरक्की करें। अनोखी शिक्षण शैली से जीता था दिल स्थानीय लोगों और विद्यालय परिवार के अनुसार, पूजा बोस अपने अनूठे, सरल और स्नेहमयी शिक्षण दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने न केवल बच्चों को बुनियादी शिक्षा दी, बल्कि स्कूल को एक सुरक्षित और आत्मीय परिवेश भी बनाया। यही कारण है कि उनके तबादले की सूचना मात्र से बच्चे इस कदर भावुक हो उठे। 12 वर्षों से इसी विद्यालय में थी पूजा पूजा बोस ने बताया कि वर्ष 2014 में बिहार शिक्षक बहाली के तहत उन्होंने कस्बा के कुल्लाखास स्थित प्राथमिक विद्यालय ईदगाह टॉल में ज्वॉइनिंग की थी। बाद में यह विद्यालय भवन नहीं होने के कारण प्राथमिक विद्यालय जनक बाग कुल्लाखास में विलय हो गया। तब से पूजा बोस इसी स्कूल में कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्र छात्राओं को पढ़ाती थीं। 2026 के ट्रांसफर पोस्टिंग में पूजा का नाम सरप्लस सूची में आया है। इससे यह तय हो गया है कि पूजा अब इस स्कूल में नहीं रहेंगे। कसबा प्रखंड के ही किसी अन्य विद्यालय में इनका ट्रांसफर हो सकता है। टीएलएम एक्टिविटी से चर्चा में आई पूजा बोस शिक्षिका पूजा बोस ने मार्च 2026 को तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम वीरकर के समक्ष टीएलएम एक्टिविटी को प्रस्तुत कर खूब चर्चा में आई थी। टीचिंग लर्निंग मैटिरियल के तहत वो किताबों की भाषा को सरल बनाने के लिए खुद उसकी भेष में आकर पढ़ाती थीं। इतना ही नहीं उनके क्लास रूम में पढ़ाए जाने वाले रोचक तथ्य भी शिक्षा से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जगह बनाते रहे हैं । पूर्णिया जिले के कस्बा प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय जनकबाग कुल्लाखास से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में महिला टीचर के तबादले की खबर सुनकर बच्चे फूट-फूट कर रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मासूम बच्चे शिक्षिका से बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि वे स्कूल छोड़कर न जाएं। वे कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘मैडम प्लीज छोड़कर मत जाइए।’ ट्रांसफर की खबर सुनते ही फूट फूट कर रोए बच्चे विद्यालय की एक शिक्षिका पूजा बोस के ट्रांसफर (सरप्लस सूची में नाम आने) की सूचना जैसे ही बच्चों तक पहुंची, बच्चे फूट- फूटकर रोने लगे। बच्चों के आंख के आंसुओं ने शिक्षिका को भी भावुक कर दिया। वे भारी मन से बच्चों को गले लगाती हैं और उन्हें चुप कराने का प्रयास करती हैं। मौके पर मौजूद स्टाफ भी भावुक हो गए। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो स्वतंत्रता दिवस के दिन का है जो अब जाकर वायरल हो रहा है। यह बच्चों का प्यार है, वे जीवन में खूब तरक्की करें: पूजा बोस इस भावुक क्षण पर शिक्षिका पूजा बोस ने कहा कि यह बच्चों का निश्छल और सच्चा प्यार है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक शिक्षक के लिए इससे बड़ी पूंजी और क्या हो सकती है कि उसके छात्र उससे इतना गहरा लगाव रखें। तबादला प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन मेरी दिली शुभकामनाएं हैं कि ये सभी बच्चे खूब पढ़ें-लिखें और जीवन में आगे बढ़कर तरक्की करें। अनोखी शिक्षण शैली से जीता था दिल स्थानीय लोगों और विद्यालय परिवार के अनुसार, पूजा बोस अपने अनूठे, सरल और स्नेहमयी शिक्षण दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने न केवल बच्चों को बुनियादी शिक्षा दी, बल्कि स्कूल को एक सुरक्षित और आत्मीय परिवेश भी बनाया। यही कारण है कि उनके तबादले की सूचना मात्र से बच्चे इस कदर भावुक हो उठे। 12 वर्षों से इसी विद्यालय में थी पूजा पूजा बोस ने बताया कि वर्ष 2014 में बिहार शिक्षक बहाली के तहत उन्होंने कस्बा के कुल्लाखास स्थित प्राथमिक विद्यालय ईदगाह टॉल में ज्वॉइनिंग की थी। बाद में यह विद्यालय भवन नहीं होने के कारण प्राथमिक विद्यालय जनक बाग कुल्लाखास में विलय हो गया। तब से पूजा बोस इसी स्कूल में कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्र छात्राओं को पढ़ाती थीं। 2026 के ट्रांसफर पोस्टिंग में पूजा का नाम सरप्लस सूची में आया है। इससे यह तय हो गया है कि पूजा अब इस स्कूल में नहीं रहेंगे। कसबा प्रखंड के ही किसी अन्य विद्यालय में इनका ट्रांसफर हो सकता है। टीएलएम एक्टिविटी से चर्चा में आई पूजा बोस शिक्षिका पूजा बोस ने मार्च 2026 को तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम वीरकर के समक्ष टीएलएम एक्टिविटी को प्रस्तुत कर खूब चर्चा में आई थी। टीचिंग लर्निंग मैटिरियल के तहत वो किताबों की भाषा को सरल बनाने के लिए खुद उसकी भेष में आकर पढ़ाती थीं। इतना ही नहीं उनके क्लास रूम में पढ़ाए जाने वाले रोचक तथ्य भी शिक्षा से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जगह बनाते रहे हैं ।

