दरभंगा के बलिया गांव में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई है। बिरौल पुलिस वारंटी के घर पर छापेमारी के लिए पहुंची थी। इस दौरान परिजन ने विरोध किया। तलाशी के दौरान वारंटी के कमरे से एक देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किया। पुलिस ने मौके से वारंटी मो. सरफे आलम और उसकी मां रबाना खातून को गिरफ्तार कर लिया। सरकारी काम में बाधा डालने, साक्ष्य छिपाने और पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोर्ट से जारी हुआ था वारंट प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक शैलेश कुमार के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 18 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे सहायक अवर निरीक्षक राधाकृष्ण प्रसाद, प्रेम प्रकाश राय और सशस्त्र बल के साथ गश्ती पर निकले थे। अन्य मामलों में छापेमारी के बाद रात करीब 1:15 बजे कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर मो. सरफे आलम के बलिया स्थित घर पर छापेमारी की गई। टीम को देखते ही सरफे आलम पीछे के दरवाजे से भागने लगा। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सरफे आलम बताया। तलाशी के दौरान उसके कमरे हथियार बरामद हुआ। पिस्टल की मैगजीन में 7.65 केएफ अंकित एक जिंदा कारतूस लोड था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिसकर्मी से मोबाइल छीनने का आरोप आरोप है कि छापेमारी के दौरान सरफे आलम के परिजन मो. नसीम, शहनाज परवीन और रबाना खातून ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी दौरान वारंट का जब्त मोबाइल सहायक अवर निरीक्षक प्रेम प्रकाश राय से छीन लिया गया। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल में अन्य अपराधियों से जुड़े नंबर या आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। पुलिस ने चौकीदार मो. इकराम और गंगाराम पासवान की मदद से मोबाइल बरामद करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने वापस नहीं किया। पुलिस ने इसे साक्ष्य छिपाने का प्रयास बताया है। चार लोगों पर प्राथमिकी, दो की तलाश अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि सरफे आलम का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने सरफे आलम और उसकी मां रबाना खातून को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान बरामद हथियार और मोबाइल से जुड़े तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है। दरभंगा के बलिया गांव में पुलिस से धक्का-मुक्की हुई है। बिरौल पुलिस वारंटी के घर पर छापेमारी के लिए पहुंची थी। इस दौरान परिजन ने विरोध किया। तलाशी के दौरान वारंटी के कमरे से एक देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किया। पुलिस ने मौके से वारंटी मो. सरफे आलम और उसकी मां रबाना खातून को गिरफ्तार कर लिया। सरकारी काम में बाधा डालने, साक्ष्य छिपाने और पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोर्ट से जारी हुआ था वारंट प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक शैलेश कुमार के आवेदन पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 18 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे सहायक अवर निरीक्षक राधाकृष्ण प्रसाद, प्रेम प्रकाश राय और सशस्त्र बल के साथ गश्ती पर निकले थे। अन्य मामलों में छापेमारी के बाद रात करीब 1:15 बजे कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर मो. सरफे आलम के बलिया स्थित घर पर छापेमारी की गई। टीम को देखते ही सरफे आलम पीछे के दरवाजे से भागने लगा। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सरफे आलम बताया। तलाशी के दौरान उसके कमरे हथियार बरामद हुआ। पिस्टल की मैगजीन में 7.65 केएफ अंकित एक जिंदा कारतूस लोड था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिसकर्मी से मोबाइल छीनने का आरोप आरोप है कि छापेमारी के दौरान सरफे आलम के परिजन मो. नसीम, शहनाज परवीन और रबाना खातून ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इसी दौरान वारंट का जब्त मोबाइल सहायक अवर निरीक्षक प्रेम प्रकाश राय से छीन लिया गया। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल में अन्य अपराधियों से जुड़े नंबर या आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। पुलिस ने चौकीदार मो. इकराम और गंगाराम पासवान की मदद से मोबाइल बरामद करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने वापस नहीं किया। पुलिस ने इसे साक्ष्य छिपाने का प्रयास बताया है। चार लोगों पर प्राथमिकी, दो की तलाश अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि सरफे आलम का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने सरफे आलम और उसकी मां रबाना खातून को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान बरामद हथियार और मोबाइल से जुड़े तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।

