गोरखपुर में नदियों का बढ़ता जलस्तर अब बाढ़ के खतरे को और गंभीर बना रहा है। सरयू नदी खतरे के निशान को पार कर बह रही है, जबकि राप्ती नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरयू नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण खजनी और गोला तहसील क्षेत्र में खतरा बढ़ गया है। वहीं राप्ती नदी फिलहाल खतरे के निशान से 2.41 मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी प्रशासन की चिंता बढ़ा रही है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो अगले 24 से 48 घंटे में गोला क्षेत्र के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्राउंड पर एक्टिव प्रशासन फिलहाल किसी भी रिहायशी इलाके में पानी घुसने की खबर नहीं है और न ही विस्थापन की नौबत आई है। इसके बावजूद प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। जलभराव वाले रास्तों पर नावों की व्यवस्था कर दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। एसडीएम, तहसीलदार और सीओ स्तर के अधिकारी लगातार फील्ड में मौजूद रहकर संवेदनशील गांवों और तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं। तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी जिले की सभी बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें तैनात हैं। तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और कहीं भी रिसाव या कमजोर हिस्से की सूचना मिलने पर तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दवाओं की उपलब्धता, पशुओं के टीकाकरण और राहत सामग्री की पूरी व्यवस्था कर ली है। पुलिस वायरलेस सिस्टम के जरिए बाढ़ चौकियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेस्पॉन्स दिया जा सके। प्रशासन की अपील- अफवाहों से दूर रहें
जिला आपदा प्रबंधक गौतम गुप्ता ने कहा, “सरयू और राप्ती दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और विभागीय टीमें अलर्ट पर हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगले 48 घंटे काफी अहम हैं। लोगों से अपील है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।” प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने को कहा गया है, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। फिलहाल प्रशासन हर पल हालात पर नजर बनाए हुए है।

