सिवनी शहर के कलाकारों ने अष्टधातु के कबाड़ का इस्तेमाल करके भगवान शिव की एक मूर्ति तैयार की है। करीब 5 क्विंटल वजनी यह मूर्ति मठ मंदिर परिसर में लगाई गई है, जिसे देखने और दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इस मूर्ति को मुख्य कलाकार विक्की कश्यप और उनकी मित्र मंडली ने बनाया है। इसे तैयार करने में लगभग 3 महीने का समय लगा। मूर्ति को बनाने में लोहे और स्टील के स्क्रैप के साथ अष्टधातु के अलग-अलग टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। टीम ने बेकार समझे जाने वाले सामान को एक सुंदर रूप दे दिया है। कारीगरी में झलकीं कई बारीकियां मूर्ति में कई अनोखी बातें हैं। भगवान शिव के माथे पर सोने और चांदी का तिलक लगाया गया है। उनके हाथ जस्ता और रांगा से बने हैं। महादेव की जटाओं में तांबे और पीतल के लोटे और स्नान पात्र का इस्तेमाल हुआ है। लोहे और स्टील के हिस्सों को वेल्डिंग, स्क्रू और नट-बोल्ट से मजबूती से जोड़ा गया है। 12 से 15 लोगों की टीम ने किया काम कलाकारों के मुताबिक, मूर्ति के लिए धातु के टुकड़े स्थानीय दुकानदारों की मदद से जुटाए गए। इस कलाकृति को बनाने में 12 से 15 लोगों की टीम ने काम किया। इसमें विक्की कश्यप के साथ रोहित रघुवंशी, लक्की डेहरिया, राहुल रघुवंशी, आयुष यादव, यश बघेल, अनिकेत कश्यप, शिव कश्यप, कपिर्तन कश्यप, रौनक ठाकुर, आर्यन शुक्ला, श्लोक पटवा और सनी कश्यप का खास योगदान रहा।

