देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह 8.15 बजे सलेमपुर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी में कई चिकित्सक अनुपस्थित मिले, जबकि कुछ डॉक्टर बिना एप्रन के ड्यूटी करते पाए गए। वहीं, प्राथमिक विद्यालय पिपरा भानुमती में एक शिक्षक गैरहाजिर मिला और विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम पाई गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों की अनुपस्थिति और बिना एप्रन ड्यूटी करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएचसी के एमसीएच विंग का भी जायजा लिया। उन्होंने भर्ती गर्भवती महिलाओं से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हाल में हुए प्रसव से संबंधित जानकारी लेने के साथ ही नवजात बच्चों और माताओं के टीकाकरण कार्ड भी देखे। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम को निर्देशित किया कि वीएचएसएनडी (VHSND) सत्रों के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने टीकाकरण कार्ड में जांच और टीकाकरण से संबंधित सभी आवश्यक विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने को भी कहा। डीएम ने जोर दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है। नियमित जांच और समय पर टीकाकरण के माध्यम से शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने की दिशा में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल आने वाले मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस औचक निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों की अनुपस्थिति और बिना एप्रन ड्यूटी करने पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति रही।

