राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पटना में लोक भवन की ओर एक पैदल मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें वे पेपर लीक, बेरोजगारी और बिहार में छात्रों व युवाओं की समस्याओं जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि देश भर में, खासकर बिहार में, छात्र और युवा नाराज़ हैं। पेपर लीक होना एक आम बात हो गई है। युवा अब बेरोज़गारी का बोझ नहीं सह सकते। उन्हें सिर्फ़ बातें नहीं, समाधान चाहिए।
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RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि जो छात्र अपने अधिकारों के लिए और पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे, उनके खिलाफ AK राइफलों का इस्तेमाल किया गया। देश भर में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं… कार्रवाई होनी चाहिए, और जब तक कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक करियर बचाओ मार्च है। आम जनता ने इनका नकार दिया है। राजद का बिहार से लगभग सूपरा साफ हो गया है। इनको बिहार से कोई मतलब नहीं है। ये महीनों-महीनों दिन बिहार से गायब रहते हैं। ये नेता प्रतिपक्ष हैं तो इनको सदन में दिखना चाहिए मगर सदन के सत्र से गायब रहते हैं।
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उन्होंने कहा कि ये अपना राजनीतिक करियर बचाओ मार्च कर रहे हैं। जहां तक मुद्दा है, सिवान में जवान भीड़ में फंस गया था तो उसने आत्मरक्षा के लिए हवाई फायरिंग की थी मगर उसे निलंबित कर दिया गया है और कार्रवाई चल रही है। हम लोगों ने बिहार में पेपर लीक पर विधानसभा में सबसे कड़ा कानून बनाया…तेजस्वी यादव के पिता ने और इनकी पार्टी ने दशकों तक राज किया है, इन्होंने क्या कानून बनाया है? इनके जमाने में कितने पेपर लीक हुए, इन्होंने क्या किया, कुछ नहीं किया…तेजस्वी यादव का राजनीतिक करियर बचाओ मार्च है और अगर छात्रों की बात है तो इनको झारखंड में मार्च करना चाहिए था।
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