मऊ जिले में मंगलवार को जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कर-करेत्तर राजस्व वसूली और सीएम डैशबोर्ड पर आधारित राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक के दौरान अनुपस्थित अधिशासी अभियंता, जल निगम (शहरी) का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को मासिक और वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में वसूली नहीं हो पा रही है, उनके कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सभी उप जिलाधिकारियों को शीर्ष 10 बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। आबकारी, खाद्य, खनन, परिवहन तथा खाद्य एवं रसद विभागों को प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान, पिछले माह के 28 संदर्भ निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी। उन्होंने सभी संदर्भों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए, एआरटीओ को स्कूली वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई में पकड़े गए वाहनों की सूची बीएसए और डीआईओएस को उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि वाहनों की क्रॉस चेकिंग की जा सके। जिलाधिकारी ने बिना नंबर वाले ट्रकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर और घोसी को मंडियों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मंडियों में अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। प्राइवेट आईटीआई कॉलेजों की जांच के लिए जनपद और तहसील स्तरीय कमेटियां गठित करने के निर्देश भी दिए गए, जिसमें विद्यार्थियों के नामांकन और वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन कराया जाएगा। पीएम स्वनिधि योजना में ‘सी’ ग्रेड तथा बैंकों में अधिक लंबित प्रकरण मिलने पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को संबंधित बैंकों की प्रतिदिन समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों का नियमित सत्यापन कराने का भी निर्देश दिया गया।

