किशोरी से दुष्कर्म- दो दोषियों को 10-10 साल सश्रम कारावास:हापुड़ की पॉक्सो अदालत ने सुनाया फैसला, अर्थदंड भी लगाया

किशोरी से दुष्कर्म- दो दोषियों को 10-10 साल सश्रम कारावास:हापुड़ की पॉक्सो अदालत ने सुनाया फैसला, अर्थदंड भी लगाया

हापुड़ में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि यह घटना 17 फरवरी 2021 की है, जब 17 वर्षीय किशोरी बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव से बिना बताए घर से चली गई थी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद बाबूगढ़ थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के दौरान किशोरी को बरामद किया और ग्राम ललियाना, थाना किठौर, मेरठ निवासी फहीम तथा ग्राम ढकिया जाफतानगर, थाना रेहड़, बिजनौर निवासी गोपी उर्फ गगनदीप को गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान मुकदमे में दुष्कर्म सहित अन्य धाराएं बढ़ाई गईं और पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने अभियुक्त फहीम को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, तथा धारा 366 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, फहीम और गोपी उर्फ गगनदीप दोनों को पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत, पीड़िता के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हापुड़ द्वारा एक लाख रुपये की प्रतिकर धनराशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *