रेवाड़ी में 5 दिन में दो की मौत के बाद 6 दिन बाद पुलिस ने एक मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। कैप्टन जगराम यादव के मामले में अभी भी एफआईआर का इंतजार है। एक एफआईआर के बाद शहर में सड़कों, बाजारों, गलियों और चौक- चौराहों पर दिखने वाले गोवंश का जमावड़ा नजर आता है। मंगलवार को शहर में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर माता गेट पर गायों के हमले में प्रताप सिंह यादव की मौत हो गई। इस मामले में मंगलवार को शहर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शहर थाना पुलिस ने 17 अगस्त की देर शाम पशु पकड़ने वाले ठेकेदार देवेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने गुजरवाड़ा निवासी इन्द्र गुर्जर, मलखान गुर्जर और फरसा गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया कि हमला करने वाली गाय आवार नहीं, बल्कि इन्हीं लोगों की थी। जब भी हमारे कर्मचारी पशु पकड़ने जाते हैं, तो आरोपी मारपीट पर उतारू हो जाते है और पशुओं को छुड़वाकर ले जाते हैं। कैप्टन को गाय-सांड ने मारी थी टक्कर 5 अगस्त की शाम सब्जी लेकर स्कूटी से वापस लौटते कैप्टन जगराम यादव को गाय और सांड ने टक्कर मार दी थी। टक्कर से गंभीर रूप से घायल कैप्टन की अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं शहर थाना में नामजद किए गए तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी सभी की निगाह लगी रहेंगी। पशुपालकों ने रविवार को छुड़वाए 4 पशु 5 दिन में 2 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई थी। डीसी अभिषेक मीणा ने नोटिस के बाद पशु छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ एफआईआर करवाने की बात कही। डीएमसी प्रदीप अहलावत ने सीएसआई से पिछले 4 माह की डिटेल रिपोर्ट मांगी। इसके बाद रविवार को फिर से टीम पशु पकड़ने उतरी। पशु पालकों ने टीम की वैन का पीछा किया और राजेश पायलट चौक, सेक्टर-3 व सेक्टर-4 से 4 पशुओं को मुक्त करवा लिया। हालांकि टीम 8 पशु पकड़ने में कामयाब रही। घटना के करीब 30 घंटे बाद मोती चौक पर हुई वृद्ध प्रताप सिंह यादव की मौत के मामले में 3 पशु पालकों पर एफआईआर हुई।

