भोजपुर के पीरो नगर परिषद में मंगलवार को दूसरी बार कजरी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर परिषद की सभापति किरण उपाध्याय, एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय, एसडीपीओ कन्हैया कुमार, बीडीओ अशोक कुमार, ईओ मेगा और समाजसेवी मनोज उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस कजरी महोत्सव में बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतर्राष्ट्रीय गायिका और कजरी क्वीन संजोली पांडेय रहीं। उन्होंने अपनी मधुर आवाज और शानदार कजरी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति पर महिलाएं देर रात तक झूमती और तालियां बजाती दिखीं। भोजपुरी गायक गोलू राजा सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से युवाओं में जोश भरा। उनके गीतों पर युवा दर्शकों ने जमकर नृत्य किया और कार्यक्रम का आनंद लिया। महिलाओं की मांग पर आयोजित हुआ कजरी महोत्सव पीरो नगर परिषद की सभापति किरण उपाध्याय ने कहा कि पीरो में दूसरी बार कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में निजी कारणों से उत्पन्न दुखद परिस्थितियों के कारण कजरी महोत्सव का आयोजन नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि पीरो नगर परिषद की महिलाओं की ओर से लंबे समय से कजरी महोत्सव आयोजित कराने की मांग की जा रही थी। महिलाओं की इसी मांग को देखते हुए इस वर्ष भव्य आयोजन किया गया है। कजरी महोत्सव बिहार की अलग पहचान- सभापति सभापति ने कहा कि पीरो का कजरी महोत्सव बिहार में अपनी अलग पहचान रखता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नारी शक्ति को बढ़ावा देना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि देर रात तक बड़ी संख्या में महिलाओं का कार्यक्रम में शामिल होना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेना महिलाओं की स्वतंत्रता और बदलते सामाजिक परिवेश का प्रतीक है। किरण उपाध्याय ने कहा कि पीरो की एक बेटी ने ऑल इंडिया स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभावान बेटी को सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने की प्रेरणा मिल सके। सांस्कृतिक रंग में रंगा पीरो शहर कजरी महोत्सव के दौरान पीरो नगर परिषद का माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंगा रहा। लोकगीतों और भोजपुरी संगीत की प्रस्तुतियों ने देर रात तक लोगों को बांधे रखा। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवा मौजूद रहे। भोजपुर के पीरो नगर परिषद में मंगलवार को दूसरी बार कजरी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर परिषद की सभापति किरण उपाध्याय, एसडीएम कृष्ण कुमार उपाध्याय, एसडीपीओ कन्हैया कुमार, बीडीओ अशोक कुमार, ईओ मेगा और समाजसेवी मनोज उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस कजरी महोत्सव में बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतर्राष्ट्रीय गायिका और कजरी क्वीन संजोली पांडेय रहीं। उन्होंने अपनी मधुर आवाज और शानदार कजरी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति पर महिलाएं देर रात तक झूमती और तालियां बजाती दिखीं। भोजपुरी गायक गोलू राजा सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से युवाओं में जोश भरा। उनके गीतों पर युवा दर्शकों ने जमकर नृत्य किया और कार्यक्रम का आनंद लिया। महिलाओं की मांग पर आयोजित हुआ कजरी महोत्सव पीरो नगर परिषद की सभापति किरण उपाध्याय ने कहा कि पीरो में दूसरी बार कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में निजी कारणों से उत्पन्न दुखद परिस्थितियों के कारण कजरी महोत्सव का आयोजन नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि पीरो नगर परिषद की महिलाओं की ओर से लंबे समय से कजरी महोत्सव आयोजित कराने की मांग की जा रही थी। महिलाओं की इसी मांग को देखते हुए इस वर्ष भव्य आयोजन किया गया है। कजरी महोत्सव बिहार की अलग पहचान- सभापति सभापति ने कहा कि पीरो का कजरी महोत्सव बिहार में अपनी अलग पहचान रखता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नारी शक्ति को बढ़ावा देना और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि देर रात तक बड़ी संख्या में महिलाओं का कार्यक्रम में शामिल होना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेना महिलाओं की स्वतंत्रता और बदलते सामाजिक परिवेश का प्रतीक है। किरण उपाध्याय ने कहा कि पीरो की एक बेटी ने ऑल इंडिया स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभावान बेटी को सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने की प्रेरणा मिल सके। सांस्कृतिक रंग में रंगा पीरो शहर कजरी महोत्सव के दौरान पीरो नगर परिषद का माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंगा रहा। लोकगीतों और भोजपुरी संगीत की प्रस्तुतियों ने देर रात तक लोगों को बांधे रखा। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवा मौजूद रहे।

