औरंगाबाद में सांप के काटने से 50 साल के एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक बंशी प्रसाद मूल रूप से पौथु थाना क्षेत्र के ईटार गांव के रहने वाले थे। पिछले कुछ समय से जम्होर थाना क्षेत्र के चिचमी गांव में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। सोमवार की रात वे रोज की तरह घर में सोए थे। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे नींद में ही सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने के बाद बंशी प्रसाद ने शोर मचाना शुरू किया। इसके बाद परिजन भी उठे। परिजन ने कमरे में सांप को देखा। सदर अस्पताल में हालत बिगड़ी, रास्ते में थमी जिंदगी सांप के डसने के बाद परिजन आनन-फानन में बंशी प्रसाद को लेकर सदर अस्पताल औरंगाबाद पहुंचे। यहां दोपहर करीब 12 बजे तक उनकी हालत अपेक्षाकृत सामान्य बताई गई। इस दौरान उन्होंने परिजनों से बातचीत भी की और चाय-बिस्किट खाया। हालांकि, कुछ देर बाद जहर का असर तेजी से बढ़ने लगा और उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें मदनपुर के वार स्थित ओझा बकस बाबा के पास ले जाने लगे। परिजनों को उम्मीद थी कि वहां इलाज या किसी उपाय से उनकी जान बच जाएगी। लेकिन रास्ते में ही बंशी प्रसाद ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन बच्चों के पिता था, परिजन ने मुआवजे की गुहार लगाई बंशी प्रसाद की मौत से उनके तीन बच्चों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। 22 वर्षीय बेटा संजय एमए की पढ़ाई पूरी कर चुका है, जबकि 20 वर्षीय अजय और 18 वर्षीय बेटी शोभा इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा बंशी प्रसाद ही थे। फेरी लगाकर होने वाली कमाई से किसी तरह घर का खर्च चलता था। अब उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि बंशी प्रसाद मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। परिजनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चल सके। औरंगाबाद में सांप के काटने से 50 साल के एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक बंशी प्रसाद मूल रूप से पौथु थाना क्षेत्र के ईटार गांव के रहने वाले थे। पिछले कुछ समय से जम्होर थाना क्षेत्र के चिचमी गांव में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। सोमवार की रात वे रोज की तरह घर में सोए थे। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे नींद में ही सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने के बाद बंशी प्रसाद ने शोर मचाना शुरू किया। इसके बाद परिजन भी उठे। परिजन ने कमरे में सांप को देखा। सदर अस्पताल में हालत बिगड़ी, रास्ते में थमी जिंदगी सांप के डसने के बाद परिजन आनन-फानन में बंशी प्रसाद को लेकर सदर अस्पताल औरंगाबाद पहुंचे। यहां दोपहर करीब 12 बजे तक उनकी हालत अपेक्षाकृत सामान्य बताई गई। इस दौरान उन्होंने परिजनों से बातचीत भी की और चाय-बिस्किट खाया। हालांकि, कुछ देर बाद जहर का असर तेजी से बढ़ने लगा और उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें मदनपुर के वार स्थित ओझा बकस बाबा के पास ले जाने लगे। परिजनों को उम्मीद थी कि वहां इलाज या किसी उपाय से उनकी जान बच जाएगी। लेकिन रास्ते में ही बंशी प्रसाद ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन बच्चों के पिता था, परिजन ने मुआवजे की गुहार लगाई बंशी प्रसाद की मौत से उनके तीन बच्चों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। 22 वर्षीय बेटा संजय एमए की पढ़ाई पूरी कर चुका है, जबकि 20 वर्षीय अजय और 18 वर्षीय बेटी शोभा इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा बंशी प्रसाद ही थे। फेरी लगाकर होने वाली कमाई से किसी तरह घर का खर्च चलता था। अब उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि बंशी प्रसाद मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। परिजनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चल सके।

