अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ा संकट, 16 भारतीय नाविकों ने होर्मुज पार करने से किया इनकार

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ा संकट, 16 भारतीय नाविकों ने होर्मुज पार करने से किया इनकार

मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले जहाज ‘एएम पायनियर’ (AM Pioneer) पर सवार 16 भारतीय नाविकों ने सुरक्षा जोखिमों के चलते अत्यधिक संवेदनशील ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजरने से इनकार कर दिया है। क्रू सदस्यों ने भारत सरकार को आपात संदेश भेजकर मदद की गुहार लगाई है।

सरकार को भेजा SOS संदेश

जहाज के मास्टर (कैप्टन) अनिल राज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि कंपनी उन्हें जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक मार्ग से जहाज ले जाने के लिए मजबूर कर रही है। यह जहाज वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रास अल खैमाह बंदरगाह पर है। ‘फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया’ (FSUI) ने क्रू का समर्थन किया है और केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने तथा नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव तथा फारस की खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमलों के कारण यह समुद्री मार्ग बेहद खतरनाक और जोखिमभरा हो गया है। इस मार्ग पर पहले भी भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।

सरकार ने पहले ही जारी किए निर्देश

फारस की खाड़ी क्षेत्र में लगातार हमलों के कारण बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत के पोत परिवहन महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) ने पहले ही सख्त आदेश जारी कर शिपिंग कंपनियों और एजेंटों को अगले आदेश तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी भारतीय नाविक को तैनात नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं।

FSUI का आरोप, जहाज मालिक डाल रहे दबाव

जहाजों की निगरानी करने वाली वेबसाइट Equasis के अनुसार, AM Pioneer का प्रबंधन मुंबई की कंपनी Alphard Maritime Private Limited करती है। यह एक ऑफशोर सप्लाई वेसल है, जो ऑफशोर तेल और गैस प्लेटफॉर्म तक उपकरण, क्रू और जरूरी सामान का परिवहन करती है।

X पर अपनी पोस्ट में FSUI ने कहा कि AM Pioneer के जहाज मालिक और मैनेजर मास्टर पर 16 भारतीय क्रू सदस्यों को बहुत ज्यादा जोखिम वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने के लिए मजबूर करने का दबाव डाल रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा, “क्रू ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। वे कम्युनिकेशन बंद करके अंधेरे में जहाज चलाकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालेंगे।”

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