हरदोई में लगातार बारिश के बीच सोमवार देर रात कच्ची दीवार ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा देहात कोतवाली क्षेत्र के बंदरहिया बंजारन पुरवा में रात करीब 12:30 बजे हुआ। मलबे में दबने से व्यक्ति की पत्नी और 18 माह की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने तीनों को मलबे से बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पति को मृत घोषित कर दिया। मंगलवार दोपहर 2:45 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया। दो दिन की बारिश से कमजोर हो गई थी दीवार मृतक की पहचान 35 वर्षीय महबूब के रूप में हुई है। वह चूड़ी की फेरी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। महबूब पत्नी और बच्चों के साथ कच्ची दीवारों वाली झोपड़ी में रहते थे। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण झोपड़ी की दीवारें कमजोर हो गई थीं। छोटे बच्चे के रोने पर मां झोपड़ी में लौटी थी हादसे से कुछ देर पहले महबूब के दो बड़े बच्चे 5 वर्षीय रजा हुसैन और 3 वर्षीय खैरुन्निसा टॉयलेट के लिए बाहर गए थे। उनकी 33 वर्षीय मां नफीसा दोनों बच्चों को बाहर छोड़कर झोपड़ी के अंदर आ गई थीं। उनकी 18 माह की बेटी निशा रो रही थी। नफीसा के अंदर आते ही जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। महबूब, नफीसा और मासूम निशा मलबे में दब गए। दोनों बड़े बच्चे बाहर होने के कारण बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों ने मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने महबूब को मृत घोषित कर दिया। वहीं, नफीसा और निशा का इलाज जारी है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दो साल पहले आवास के लिए किया था आवेदन मृतक के मौसेरे भाई जलील ने बताया कि महबूब ने करीब दो साल पहले सरकारी आवास के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक उन्हें आवास नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि महबूब अपने पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके भाई अनीस और पिता हाशिम की पहले ही मौत हो चुकी है। जलील के मुताबिक, महबूब की मां फातिमा के नाम कुल 1.25 बीघा जमीन है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

